नर्स और उसके दोस्त आजाद ने निर्भया जैसे कांड की झूठी कहानी बनाई, उसे सच साबित करने के लिए कदम-कदम पर झूठ बोला गया, लेकिन मोबाइल फोन ने पूरी पोल खोल दी। पुलिस को जैसे ही पता चला कि नर्स दो दिन अपने दिल्ली के घर में ही थी, वैसे ही जांच की दिशा एकदम से बदल गई। नर्स के मोबाइल की कॉल डिटेल में आजाद का नंबर मिला। उसने 16 अक्तूबर की रात से 18 अक्तूबर की सुबह तक खुद को जंगल में बंधक बनाया, जबकि इस दौरान उसकी कई बार आजाद से बात हुई।
गाजियाबाद की 'निर्भया' ने कदम-कदम पर बोला झूठ: दो दिन तक खुद को बनाया बंधक, रॉड की कहानी थी झूठी, रखा था तार
वैसे पुलिस को शक तो तभी हो गया था, जब 112 पर कॉल करने वाले राहगीर ने बताया कि उससे फोन करने के लिए एक युवक ने कहा था जो नर्स के पास पहले से मौजूद था। उस युवक के कहने पर ही उसने फोन किया। पुलिस के आते ही वह युवक भाग गया था। पुलिस उस युवक की तलाश में लग गई। जांच में पता चला कि वह कोई और नहीं, आजाद ही है।
Ghaziabad's alleged gang-rape case | National Commission for Women (NCW) was informed by the police that reported incident appears to be a conspiracy, substantiated by confessional statements of 3 suspects- Azad Tehsin, Gaurav Sharan & Mohammad Afzal, states NCW in a press note https://t.co/rKYaIvPTzu pic.twitter.com/KZYgKBJqOq
एनसीडब्ल्यू ने जारी किया प्रेस नोट
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पुलिस द्वारा सूचित किया गया था कि रिपोर्ट की गई घटना एक साजिश प्रतीत होती है, जिसकी पुष्टि 3 संदिग्धों- आज़ाद तहसीन, गौरव शरण और मोहम्मद अफज़ल के इकबालिया बयानों से होती है। महिला और उसके रिश्तेदारों द्वारा कई विरोधाभासी बयान दिए गए जिससे प्रामाणिकता पर संदेह पैदा हुआ। पुलिस ने कहा कि इस घटना की योजना 5 प्रारंभिक संदिग्धों को फंसाने की थी, जिनका महिला के साथ संपत्ति का विवाद था। मामला विचाराधीन, जांच चल रही है।
ऐसे उठा रहस्य से पर्दा
1. एफआईआर में आरोप: 16 अक्तूबर को आश्रम रोड से अपहरण किया गया।
पुलिस का दावा: अपहरण नहीं हुआ था, नर्स ऑटो से अपने घर दिल्ली पहुंची थी।
2. पांच युवकों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया।
नामजद पांचों युवकों की लोकेशन गाजियाबाद में ही नहीं मिली। वे अलग-अलग जगह पर थे।
3. जंगल में पांच ने दुष्कर्म किया, प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड डाली
मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं। रॉड की कहानी झूठी। लोहे का तार मिला था जो नर्स ने खुद रखा था।
4. बोरी में बंद करके 18 की सुबह आरोपी आश्रम रोड पर फेंक गए ताकि उसकी मौत हो जाए।
गिरफ्तार युवकों के साथ 18 की रात ही अल्टो कार से दिल्ली से आई थी नर्स। बोरी में आजाद ने बंद किया।
इसलिए भी हुआ शक
नर्स ने एमएमजी जिला अस्पताल में उपचार कराने से मना किया। मेरठ रेफर किया तो वहां जाने से इनकार किया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भेजने की जिद की। वहां वह पहले काम कर चुकी थी। इससे पुलिस को शक हुआ।
बच्चों ने बयां की सच्चाई
नर्स के भाई ने कहा था कि बहन के घर न पहुंचने पर भांजे का फोन आया। पुलिस ने नर्स के बच्चों से जानकारी कराई तो पता चला कि वह उन्हें अपनी बहन के घर छोड़ गई थी। खुद भाई के जन्म दिन समारोह से जाने के बाद दिल्ली में अपने घर पर ही रही।