डिफरेंटली एबल्ड श्रेणी में सान्या गांधी ने 10वीं में 489 (97.8 प्रतिशत) अंक लाकर ऑल इंडिया टॉप किया है। गुड़गांव की अनुष्का पांडा और सान्या दोनों के समान 489 अंक हैं। सान्या बचपन से देख नहीं सकती, लेकिन उसका आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय कामयाबी की राह दिखाता है।
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आज का काम आज करने से सान्या बन गई इंडिया टॉपर, अब बनना चाहती हैं IAS
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 30 May 2018 11:50 AM IST
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- फोटो : जी पॉल
सान्या का सपना आईएएस बनने का है। वह डीयू से पॉलिटिकल साइंस में आनर्स करना चाहती हैं। शास्त्रीनगर स्थित उत्तम फॉर गर्ल्स स्कूल की छात्रा सान्या ने बताया कि अगर सफलता पानी है तो कभी भी लंबी योजना न बनाएं। क्योंकि देखा गया है कि जो जितना अधिक गंभीर होता है, उससे उतनी ही अधिक गलतियां होती हैं।
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बस इस खास बात का ध्यान रखा कि आज का काम आज ही करना है। रोज के लिए छोटे-छोटे टारगेट सेट कर लिए थे। उन टारगेट को रोज पूरा कर लेती थी। सान्या के लिए मैथ्स थोड़ा टफ रहा। कामयाबी में वह अपनी क्लास टीचर का अधिक योगदान मानती हैं, जिनकी वजह से वह इस मुकाम तक पहुंच सकी।
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रामपुर में शनिवार को सीबीएसई 12 वीं का परिणाम घोषित होने के बाद खुशी का इजहार करतीं सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं। अमर उजाला।
चिरंजीव विहार की रहने वाली सान्या अपने मां-पिता की इकलौती संतान हैं। सान्या के पिता अनिल गांधी बिजनेसमैन हैं। सान्या की मां सारिका गांधी ने बताया कि वह रोजाना जितना पढ़ती थी, उससे लगता तो था कि वह अच्छे नंबरों से पास होगी, लेकिन टॉप करेगी इसका अंदाजा नहीं था। बेटी की वजह से हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। सान्या को संगीत का शौक है। वह गाना अच्छा गा लेती हैं।
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सीबीएसई
- फोटो : amar ujala
सान्या ने जॉज साफ्टवेयर के जरिए परीक्षा दी थी। यह साफ्टवेयर खासकर दृष्टि बाधित लोगों के लिए डिजाइन किया गया है। स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिला रहेजा ने बताया कि सान्या कंप्यूटर में अच्छी थी, इसलिए उसके लिए जॉज साफ्टवेयर पर परीक्षा देने के लिए स्पेशल डिमांड देहरादून रीजन से की गई थी।