सेक्टर-54 स्थित सनसिटी स्कूल की छात्रा अनुष्का ने दिव्यांग कैटेगरी में 97.8 फीसदी अंक हासिल कर देश में टॉप किया है। एक वर्ष की उम्र में जेनेटिक डिसऑर्डर स्पाइनल मसकुलर अट्रोपी (एसएमए) नामक बीमारी से पीड़ित अनुष्का का 80 फीसदी से अधिक शरीर काम नहीं करता है, लेकिन अपने हौसले के कारण अनुष्का ने 489 अंक हासिल कर जहां जीत लिया है।
CBSE 10th Result: स्टीफन हॉकिंग से प्रेरणा लेकर अनुष्का बनीं टॉपर, 80% शरीर नहीं करता काम
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भले ही वह चल फिर नहीं सकती, लेकिन दुनिया का वह हर काम कर सकती है, जो दूसरे करते हैं। अनुष्का की तमन्ना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की है।
दिव्यांग होने के बावजूद इतना बेहतर रिजल्ट आने के बाद अनुष्का का परिवार बेहद भावुक हो गया।
उनके माता-पिता को भी अपनी इकलौती बेटी की इस उपलब्धि पर नाज है। पेशे से एक निजी कंपनी में बतौर सप्लाई चेन हेड के रूप में काम करने वाले अनुष्का के पिता अनूप पांडा कहते हैं कि बेटी ने बीमारी को मात देकर एक नई इबारत लिखी है।
सेक्टर-67 में रहने वाले अनूप बताते हैं कि एक वर्ष की उम्र में बेटी को स्पाइनल मसकुलर अट्रोपी हो गया था। तब से 80 फीसदी शरीर काम नहीं करता है। बचपन से व्हील चेयर पर रहकर ही पढ़ाई कर रही है। वह पढ़ने में शुरू से ही होशियार है। हमेशा उसके अच्छे परिणाम आते रहे हैं।
पिता का कहना है कि बीमारी के कारण उसे हर दो घंटे बाद सोना जरूरी है। रीढ़ की हड्डी भी सीधी नहीं रहती है। यहां तक हाथ भी काम नहीं करता है। लिखने में भी परेशानी होती है, लेकिन उसके अंदर बीमारी से लड़ने का जज्बा बहुत ज्यादा है।
अनुष्का की मां अर्चना पांडा एक निजी कंपनी में बतौर ऑपरेशन हेड कार्यरत हैं। वह भी बेटी की उपलब्धि पर बेहद गर्व महसूस कर रही हैं। अब अनुष्का 11वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमैटिक्स लेकर पढ़ाई करेंगी।
45 फीसदी दिव्यांग तानवी के पिता कुलदीप सिंह का कहना है कि बेटी का एक हाथ काम नहीं करता है। तानवी को अंग्रेजी (96), मैथ (97), साइंस (100), सामाजिक विज्ञान (99) और आईटी (93) अंक मिले हैं। तानवी अब 11वीं में जीव विज्ञान लेकर पढ़ाई कर रही है और डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहती है।
साइंस : 98
अंग्रेजी : 95
मैथ : 99
सोशल साइंस : 98
हिन्दी : 99