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West Bengal: बंगाल में भाजपा को एक और बड़ा झटका, एक साथ 20 नेताओं ने दिया पार्टी से इस्तीफा  

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जलपाईगुड़ी Published by: Amit Mandal Updated Wed, 25 May 2022 08:58 PM IST
सार

जलपाईगुड़ी भाजपा का गढ़ है क्योंकि पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनावों में जिले की सात में से चार सीटों पर जीत हासिल की थी।

बंगाल भाजपा
बंगाल भाजपा - फोटो : social media
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विस्तार

भाजपा सांसद अर्जुन सिंह के तृणमूल कांग्रेस में फिर से शामिल होने के कुछ दिनों बाद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में पार्टी के कम से कम 20 नेताओं ने एक साथ अपने पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इन्होंने जिला नेतृत्व पर एक स्थानीय पैनल में सदस्यों को शामिल करने के एवज में पैसे लेने का आरोप लगाया गया है। पार्टी के जलपाईगुड़ी जिले के महासचिव अमल रॉय सहित असंतुष्ट नेताओं ने दावा किया कि जो लोग भगवा ब्रिगेड के लिए काम करते थे और राज्य में चुनाव के बाद की हिंसा के कारण अपने घरों से भाग गए थे। उन्हें नवगठित मयनागुरी दक्षिण मंडल समिति में जगह नहीं मिली।  रॉय ने आरोप लगाया कि हाल ही में पार्टी में शामिल किए गए लोगों को पैसे के बदले स्थानीय पैनल के पद सौंपे गए हैं।



कुछ दिन पहले ही हुआ था अमित शाह का दौरा 
उन्होंने दावा किया कि असहमत नेताओं ने जिला प्रमुख को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। संपर्क करने पर भाजपा के जलपाईगुड़ी जिलाध्यक्ष बापी गोस्वामी ने आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की अपनी यात्रा के दौरान भाजपा की राज्य इकाई को सत्तारूढ़ टीएमसी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए पार्टी संगठन को मजबूत करने की सलाह दी थी। भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने पैसे के बदले सदस्यों को स्थानीय समिति में शामिल किए जाने के आरोपों से इनकार किया, लेकिन स्वीकार किया कि संगठन में मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी मामले को देखेगी और समस्या का जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। 


जलपाईगुड़ी भाजपा का गढ़ है क्योंकि पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनावों में जिले की सात में से चार सीटों पर जीत हासिल की थी। सिंह 22 मई को राज्य की सत्ताधारी पार्टी में फिर से शामिल हुए थे। टीएमसी के प्रमुख हिंदी भाषी नेताओं में से एक अर्जुन सिंह 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले भगवा खेमे में शामिल हो गए थे और बैरकपुर लोकसभा सीट जीत गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय सहित पांच विधायकों के पिछले साल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद से टीएमसी में शामिल होने के बाद से राज्य में भाजपा अपने नेताओं को एक साथ रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

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