महिला हेल्पलाइन 181 व बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रति जागरूकता के लिए निकली बाइक राइडर पल्लवी फौजदार का मानना है कि आज महिला सशक्तिकरण केवल शब्दों तक सिमट कर रहा गया है। इसलिए वे इसे जमीनी स्तर पर लाना चाहती हैं, जिसके लिए उन्होंने अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश को चुना है। वे कहतीं हैं कि एक वक्त था जब बाइक (मोटरसाइकिल) की पहचान पुरुषों से होती थी, लेकिन अब देश बदल रहा है। पुरुषों की बाइक अब डरी-सहमी बेटियों को रफ्तार दे रही है।
कई विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली ये बाइकर अब डरी-सहमी बेटियों की करेंगी मदद
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Dec 2017 09:49 AM IST
सार
डरी-सहमी बेटियों को रफ्तार दे सकती है बाइक: पल्लवी
-कई विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली महिला बाइकर पल्लवी ने अमर उजाला से की मन की बात
-पश्चिम यूपी के हालात खराब, लिंगानुपात में भी है काफी पिछड़ा
-महिलाओं की हर शिकायत को सुनती है 181 हेल्पलाइन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
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