किसानों के अलग-अलग मुद्दों को लेकर समाजसेवी अन्ना हजारे आगामी 23 मार्च से दिल्ली में आंदोलन करने जा रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने आंदोलन की तैयारी और आयोजन कमेटी का चयन करने के लिए 17 राज्यों से आए प्रतिनिधियों के साथ महाराष्ट्र सदन में बैठक की।
अन्ना ने लिया केजरीवाल से बड़ा सबक, किसी को भी आंदोलन का हिस्सा बनाने के पहले जरूर करेंगे ये काम
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बैठक के बाद बाहर आए अन्ना ने कहा कि आंदोलन की तैयारी चल रही है। मगर इस बार वह आंदोलन से राजनीतिक दल या नेता नहीं निकलने देंगे। हजारे ने बिना नाम लिए कहा कि आंदोलन से निकलकर कुछ लोग मुख्यमंत्री बनकर बैठे हैं, मगर हम इस बार ऐसा बिल्कुल नहीं होने देंगे।
आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को शपथपत्र देना होगा, जिसमें लिखकर देना होगा कि वह आंदोलन से निकलने के बाद भी राजनीतिक दल नहीं बनाएंगे और ना किसी राजनीतिक दल के साथ जाएंगे। अगर फिर भी किसी ने ऐसा किया तो वह शपथपत्र के आधार पर कोर्ट जाएंगे। अन्ना से पूछा गया कि अरविंद केजरीवाल ने भी यही कहा था फिर भी वह राजनीति में गए तो।
इस पर अन्ना ने कहा कि हां उन्होंने वादा किया था कि वह राजनीति में नहीं जाएंगे। मगर वह चले गए। उसी से मैने अब सबक लिया है। इसलिए इस बार शपथपत्र लूंगा। जब उनसे पूछा गया की केजरीवाल की पार्टी पर राज्यसभा टिकट को लेकर गंभीर आरोप लग रहे है। आंदोलन के साथी रहे कुमार विश्वास को टिकट नहीं दिया गया तो उसपर उन्होंने कहा कि वह अब राजनीतिक दल है। यह उनका अंदरूनी मामला है।
किसान आंदोलन की तैयारी पर अन्ना ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, असम, राजस्थान समेत 12 राज्यों का दौरा कर चुके हैं। बाकी में अगले दो दिन बाद दौरा शुरू करेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला और कहा कि कृषि प्रधान देश में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुका है। मगर कभी कोई उद्योगपति आत्महत्या नहीं करता। इसका मतलब है किसानों को छोड़कर सरकारें उद्योगपतियों का ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके खेती में आने वाले खर्च के आधार पर न्यूनतम मूल्य तय होना चाहिए।