साल 2019 अब अलविदा कहने वाला है। लेकिन इस साल में उत्तराखंड में हुई कुछ ऐसी घटनाएं हैं जो देशभर में चर्चा का विषय बन गईं। कुछ घटनाएं तो ऐसी थीं जिन्होंने दून से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया। कोई राजनीति के शीर्ष पर पहुंचा तो किसी ने अपनी बहादुरी से सबको हतप्रभ कर दिया। वहीं कुछ बहादुर बेटे सबकी आंखे नम कर दुनिया को अलविदा कह गए।
अलविदा 2019: देशभर में सुर्खियां बन गईं उत्तराखंड की ये घटनाएं, दून से दिल्ली तक मच गया था हड़कंप
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चैंपियन का तमंचे पर डिस्को वीडियो हुआ था वायरल
बता दें कि 10 जुलाई 2019 को सोशल मीडिया पर भाजपा विधायक चैंपियन का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में चैंपियन दोनों हाथों में हथियार लेकर साथियों के साथ नाचते, अश्लील शब्दों का प्रयोग करते और उत्तराखंड को लेकर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे थे।
उनके इस वीडियो ने दून से लेकर दिल्ली तक हलचल मचा दी। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी से लेकर सभी दिग्गज नेताओं ने उनके इस वीडियो को शर्मनाक बताया। तभी से उन पर निष्कासन की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया चल रही थी। इसके बाद विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री संजय कुमार पर लगा था मीटू का आरोप
साल 2018 के अंत में भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय कुमार पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले की सारी जांच साल 2019 में हुई तो पूरे साल यह मामला राष्ट्रीय स्तर तक सुर्खियों में छाया रहा। वरिष्ठ नेताओं को शिकायत के बाद भी संजय कुमार व अन्य के खिलाफ कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने ‘अमर उजाला’ कार्यालय आकर अपनी पीड़ा बताई थी। पीड़ित ने यौन उत्पीड़न संबंधी साक्ष्य भी उपलब्ध कराए थे। मीटू का यह मामला ‘अमर उजाला’ की सुर्खियां बना तो भाजपा संगठन में हड़कंप मच गया था। मीटू प्रकरण का खुलासा होने के छह दिन बाद प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार को पद से हटाने की अधिकारिक घोषणा कर दी।
गुलदार से लड़कर भाई को बचाने वाली राखी बनी मिसाल
छह अक्टूबर 2019 को एक बेटी की बहादुरी देख हर कोई हतप्रभ था। पौड़ी गढ़वाल की बेटी राखी ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने चार साल के भाई की जान गुदार से बचाई थी। अब राखी को उसकी बहादुरी का इनाम भी मिलेगा। वह 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगी। राखी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उसे सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वह तीनों सेनाओं के सेनाध्यक्षों से मिलेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री से भी उसकी मुलाकात होगी। राखी सेना में जाकर देश रक्षा करने का सपना देखती है।
राजनीति के शीर्ष पर पहुंचे ये दो राजनेता
साल 2019 उत्तराखंड की राजनीति के लिहाज से भी अच्छा रहा। इस साल में दो नेताओं रमेश पोखरियाल निशंक और भगत सिंह कोश्यारी ने प्रदेश का मान बढ़या। एक सितंबर को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया। बता दें कि अक्टूबर 2001 में भाजपा आलाकमान ने कोश्यारी को स्वामी के उत्तराधिकारी के रूप में मुख्यमंत्री पद की ज़िम्मेदारी सौंपी थी। कोश्यारी केवल पांच महीने ही मुख्यमंत्री रहे। 2002 से 2007 तक वे उत्तराखंड विधानसभा में नेता विपक्ष भी रहे। वर्ष 2008 से 2014 तक वे उत्तराखंड से राज्यससभा के सदस्य चुने गए थे। वहीं 30 मई को उत्तराखंड के पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशं को पीएम मोदी की कैबिनेट में जगह मिली थी। निशंक को मानव संसाधन एवं विकास मंत्री बनाया गया। बता दें कि निशंक साल 2000 में उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद प्रदेश के पहले वित्त, राजस्व, कर, पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री बने। वर्ष 2007 में उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य, भाषा तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री बने। इसके बाद उन्हें सीएम चुना गया।