उत्तराखंड में हल्द्वानी के चर्चित अवतार सिंह हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। कातिल कोई और नहीं बल्कि पत्नी नीलम चौधरी ही निकली। नीलम ने अवतार सिंह की हत्या करने से पहले उसे घर पर ही ग्लूकॉन डी में नींद की दस गोलियां घोलकर पिला दीं थीं। बेहोश होने पर नीलम के मित्र मनीष मिश्रा ने अपने साथी अजय यादव की मदद से सलड़ी में अवतार का गला घोंटा और पेट्रोल से जलाकर मार डाला। पुलिस ने नीलम के साथ उसके दोस्त मनीष को भी गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक भी बरामद कर ली गई है। हत्याकांड के तीसरा आरोपी अजय यादव अभी फरार है।
एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने कोतवाली परिसर में पत्रकारों को बताया कि 16 मई की शाम भीमताल तिराहे से नीचे सलड़ी में कार में मिले शव की शिनाख्त करने के लिए एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव के निर्देशन में पुलिस की छह टीमें गठित की गईं थीं। पुलिस ने कार (यूके 06 एएफ 8111) से बरामद कंकाल की शिनाख्त रुद्रपुर जिले के सामिया हाउसिंग सोसायटी निवासी अवतार सिंह चौधरी पुत्र गुलजार के रूप में की।
उसकी पत्नी नीलम ने बताया था कि 16 मई को अवतार काम पर गए थे और वह हल्द्वानी में डॉक्टर को दिखाने के बाद घर चली आई थी। सीसीटीवी और सर्विलांस में नीलम की भूमिका संदिग्ध नजर आई। अवतार के पिता ने भीमताल थाने में नीलम और उसके मित्र के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने घटना में शामिल अवतार की पत्नी नीलम और उसके मित्र मनीष मिश्रा को 17 मई को शामिया हाउसिंग सोसायटी से हिरासत में लिया था। अवतार सिंह मूल रूप से हरियाणा के अंबाला का रहने वाला था। वह रुद्रपुर में कंपनियों को मजदूर सप्लाई करता था। अवतार की शादी बागेश्वर की रहने वाली नीलम से हुई थी। नीलम की सिक्योरिटी एजेंसी में कार्यरत मनीष मिश्रा से नजदीकियां बढ़ गईं थीं।
मूल रूप से प्रयागराज जिले के नंदोत फूलपुर निवासी मनीष मिश्रा ने हत्या करने के लिए जौनपुर (यूपी) जिले के दौलतिया गांव मुगराबाद शाहपुर निवासी अपने दोस्त अजय यादव को बुला लिया। घटना के दिन नीलम ने अवतार को घर में ही ग्लूकॉन डी में नींद की दस गोलियां घोलकर पिला दीं। कुछ देर में अवतार सिंह बेहोश हो गया। इसके बाद नीलम उसे कार से लेकर मुखानी चौराहा स्थित डॉ. नीलांबर भट्ट के क्लिनिक तक आई। क्लिनिक बंद होने पर वह डॉक्टर त्रिपाठी की क्लिनिक में गई।
कार के पीछे पल्सर बाइक से मनीष और अजय भी चल रहे थे। मुखानी चौराहे पर नीलम ने कार को मनीष के हवाले कर दिया। मनीष कार लेकर सलड़ी गया। पीछे-पीछे बाइक से अजय भी पहुंचा। वहां पहुंचने पर मनीष ड्राइविंग सीट पर और अजय पीछे की सीट पर बैठ गया। दोनों ने गमछे से अवतार का गला घोंटा और कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद दोनों बाइक से हल्द्वानी की ओर आ गए।