जब साल 2006 में दोनों ने लव मैरिज की थी तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि पत्नी अपने ही पति को इतनी दर्दनाक मौत देगी। घटना ऐसी थी कि घरवालों को अपने बेटे का सिर्फ कंकाल मिला। उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई दिल दहला देने वाली घटना से सनसनी फैली हुई है। पुलिस ने बुधवार को इस घटना का खुलासा कर दिया।
{"_id":"5ce53d47bdec2207014a12b8","slug":"love-marriage-brutal-end-after-wife-extramarital-affair","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लव मैरिज के वक्त खाई थी साथ जीने-मरने की कसमें, फिर पत्नी ने दी ऐसी मौत कि हाथ लगा सिर्फ कंकाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लव मैरिज के वक्त खाई थी साथ जीने-मरने की कसमें, फिर पत्नी ने दी ऐसी मौत कि हाथ लगा सिर्फ कंकाल
Wed, 22 May 2019 06:02 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 22 May 2019 06:02 PM IST
विज्ञापन
आरोपी पत्नी और उसका मित्र
- फोटो : अमर उजाला
इसी कार में मिला था कंकाल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के मुताबिक अवतार सिंह की हत्या उसकी पत्नी नीलम चौधरी और नीलम के प्रेमी मनीष मिश्रा ने ही की थी। दोनों ने साथ मिलकर बीते बृहस्पतिवार को भीमताल-हल्द्वानी मार्ग स्थित सलड़ी में पहले अपने पति को नींद की गोलियां ग्लूकोज में मिलाकर पिलाई, फिर फिर गाड़ी में पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
अवतार के घर पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद अवतार सिंह के गायब होने का नाटकर कर पत्नी नीलम चौधरी ने रात में ही रिश्तेदारों को फोन कर उसके गायब होने की सूचना दी थी। शुक्रवार की सुबह वह अपने कुछ पड़ोसियों को लेकर पुलिस के पास पहुंची, ताकि उस पर शक न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
अवतार के घर पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अवतार सिंह के परिवार वालों को पत्नी नीलम पर हत्या का शक था। पुलिस की निगाह भी उसकी गतिविधियों पर थीं। परिवार वालों के मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे शक के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिय था। इसके बाद उन्होंने पूरा मामला बताया।
विज्ञापन
अवतार के घर पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
अवतार सिंह की हत्या की योजना दोनों ने फिल्म की कहानी की तरह बनाई। इसके लिए हत्यारों ने पहले से ही शातिराना ढंग से तैयारी की। नीलम के प्रेमी मनीष ने अपने एक दोस्त की भी इसमें मदद ली। लाश को हल्द्वानी से ले जाकर ठिकाने लगाने के लिए भी कई बार रेकी की गई। पहले सुनसान स्थान ढूंढा गया। पूरी योजना के साथ ही अवतार की हत्या की गई।