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Operation Silkyara:..तो दूर नहीं कामयाबी, श्रमिकों तक पहुंची गैस कटर से उठने वाले धुएं की 'खुशबू', तस्वीरें
सुरंग के भीतर लगातार चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच बृहस्पतिवार की देर रात व शुक्रवार की अलसुबह एक खबर ने उत्साह और बढ़ा दिया। पाइप व लोहे के गर्डर को जब गैस कटर से काटा जा रहा था तो उसके धुएं की खुशबू सुरंग के भीतर फंसे 41 मजदूरों तक पहुंच गई।
जैसे ही मजदूरों को गैस कटर के धुएं की खुशबू आई तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। ये धुआं आगे से मुड़े हुए 800 मिमी के पाइप को काटने के दौरान उठा। मजदूरों ने तत्काल कम्युनिकेशन सिस्टम के माध्यम से बाहर काम कर रहे बचाव दल को इसकी जानकारी दी।
उन्हें लग गया कि अब पाइप उनके करीब पहुंच चुका है, क्योंकि ज्यादा दूरी होती तो धुएं की खुशबू मलबे को चीरकर आगे न बढ़ पाती। बचाव दल में जुटे अधिकारियों ने बताया कि धुएं की खुशबू से ये अनुमान लगा लिया गया है कि अब मंजिल ज्यादा दूर नहीं है। खुद भीतर कैद मजदूर भी इससे उत्साहित हो गए हैं।
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पाइप में ड्रिल करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
सुरंग में फंसे मजदूर शुक्रवार को भी दिनभर बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। बृहस्पतिवार की शाम चार बजे से बंद हुई ऑगर डि्ल मशीन आखिरकार 24 घंटे बाद शुक्रवार को शाम सवा चार बजे के आसपास दोबारा शुरू कर दी गई।
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सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू जारी
- फोटो : अमर उजाला
जियो फिजिकल विशेषज्ञों ने अगले पांच मीटर की मैपिंग के बाद बताया कि फिलहाल कोई लोहे के गर्डर जैसी अड़चन नहीं है। अधिकारी मान रहे हैं कि अगले कुछ घंटों में कभी भी ऑपरेशन सिलक्यारा सफल हो सकता है। बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे ऑगर मशीन के सामने लोहे के गर्डर आने और उसका प्लेटफार्म हिल जाने की वजह से मशीन को बंद कर दिया गया था।
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डिलिंग मशीन
- फोटो : अमर उजाला
एनएचआईडीसीएल के एमडी महमूद अहमद ने बताया कि पहले दिन 45 मीटर दूरी तक चलने के बाद एक लोहे का गर्डर आ गया था, जिसके बाद ऑगर मशीन को रोका गया। सभी आठ बर्मे बाहर निकाले गए। इसके बाद पाइप के भीतर पहुंचकर ट्रंसलेस इंकजीनियरिंग कंपनी के विशेषज्ञों ने उस गर्डर को काट दिया।
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पाइप से काटकर निकाला गया लोहा
- फोटो : अमर उजाला
दोबारा ऑगर मशीन को रिएसेंबल किया गया और करीब 1.8 मीटर जाने पर एक और बाधा मलबे में टनल की छत पर लगने वाले होलो पाइप के रूप में सामने आई। दोबारा ऑगर मशीन को पाइप से बाहर निकाला गया। इस दौरान पाइप का करीब 1.5 मीटर हिस्सा मुड़ गया था। विशेषज्ञों ने फिर भीतर घुसकर उस होलो पाइप और 800 मिमी पाइप का मुड़ा हिस्सा काटकर बाहर निकाला।
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