उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरासू एवं बड़कोट के मध्य सिलक्यारा के पास सुरंग में हुए भू धंसाव की घटना के बाद शासन ने आठ वैज्ञानिक संस्थाओं के विशेषज्ञों को मौके पर भेजा है। टीम ने सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। टीम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
Uttarkashi Tunnel Collapse: सिलक्यारा पहुंची आठ वैज्ञानिक संस्थाओं की टीम, निरीक्षण कर जांच की कार्रवाई शुरू
हेल्प लाइन नंबर जारी
सुरंग में फंसे लोगों के परिजनों की सुविधा और उनकी आशंकाओं के निवारण के लिए जिला प्रशासन की ओर से हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं। संबंधित लोगों के परिजन 01374-222722, 222126, 7500337269 और जिला कंट्रोल रूम 7455991223 व 7818066867 पर संपर्क स्थापित कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
त्वरित कार्रवाई के लिए बनाया हेलीपैड
सिलक्यारा में घटनास्थल से पांच किमी की दूरी पर स्यालना के पास एक अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया गया है। चिन्यालीसौड़ हेलीपैड को भी राहत कार्यों के लिए चिह्नित किया गया है।
घटनास्थल पर मौजूद मशीनरी
घटनास्थल पर स्टेजिंग एरिया बनाया गया है। यहां पर वॉर्टिकल व हॉरिजोंटल ड्रिल मशीन और शॉर्ट क्रीट मशीन उपलब्ध है। साथ ही सुरंग के बाहर तीन पोकलैंड, दो जेसीबी, छह ट्रक, एक हाइड्रा, दो लोडर तैनात हैं। इसके अलावा सुरंग के अंदर चार पोकलैंड, तीन शॉर्ट क्रीटिंग मशीन, दो बूमर, दो हाइड्रा और दो ट्रक कार्य कर रहे हैं।
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बाहर आते ही तत्काल शुरू होगा स्वास्थ्य परीक्षण
सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के भी इंतजाम कर लिए गए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया, मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें, विशेषज्ञ, दवाइयां, उपकरण, एंबुलेंस सुरंग के गेट पर तैनात कर दिए गए हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति में कार्रवाई के लिए निकटवर्ती जिलों के चिकित्सालयों के साथ एम्स ऋषिकेश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलिंडर का भंडारण किया गया है।
सिलक्यारा पहुंची एसडीआरएफ की चार टीम
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में सुरंग धंसने के बाद अंदर फंसे 40 लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट से चार टीम को भेजा गया है। यहां 24 घंटे से रेस्क्यू चलाया जा रहा है। बुधवार तक सभी लोगों को बाहर निकालने की उम्मीद जताई जा रही हैं।