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दूसरी बार मिला जीवन: अचानक बर्फ का जलजला आया और सबको ले गया, प्रशिक्षक अनिल ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी
Thu, 06 Oct 2022 09:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 06 Oct 2022 09:59 AM IST
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ट्रेनर अनिल कुमार
- फोटो : अमर उजाला
अचानक बर्फ का जलजला आया और सबको ले गया। यह इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला। दल के कुछ सदस्यों ने हिम्मत जुटाई और एक-एक कर साथियों को निकालना शुरू किया। हिमस्खलन में बाल-बाल बचे निम के प्रशिक्षक अनिल कुमार ने हादसे की कहानी कुछ ऐसे बयां की।
उत्तरकाशी में यहीं हुआ एवलांच
- फोटो : अमर उजाला
अनिल को दूसरी बार मिला नया जीवन
द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन हादसे में सकुशल बचे निम के प्रशिक्षक अनिल कुमार को दूसरी बार नया जीवन मिला है। वे वर्ष 2010 में भी हिमस्खलन में फंस चुके हैं। इस घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी। राजस्थान निवासी अनिल कुमार पिछले चार साल से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में प्रशिक्षक के तौर पर तैनात हैं।
द्रौपदी का डांडा हिमस्खलन हादसे में सकुशल बचे निम के प्रशिक्षक अनिल कुमार को दूसरी बार नया जीवन मिला है। वे वर्ष 2010 में भी हिमस्खलन में फंस चुके हैं। इस घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी। राजस्थान निवासी अनिल कुमार पिछले चार साल से नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में प्रशिक्षक के तौर पर तैनात हैं।
बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ की टीमें रवाना
- फोटो : अमर उजाला
वे 21 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अनिल ने बताया कि वर्ष 2010 में गुलमर्ग में एक ऐसे ही प्रशिक्षण अभियान के दौरान वे हिमस्खलन में फंस गए थे। तब दल में कुल 250 लोग थे। हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी।
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उत्तरकाशी के लिए रवाना होती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
अनिल दो बार नया जीवन मिलने को सौभाग्य बताते हैं। अनिल ने बताया कि एक चैनल ने उनकी मौत की खबर चला दी थी, जिससे उनके परिजन दहशत में आ गए। फिर उन्होंने सभी को फोन कर अपने सुरक्षित होने की सूचना दी।
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उत्तरकाशी के लिए रवाना होती एसडीआरएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
मौसम खराब होता तो नहीं बढ़ते आगे
अनिल ने बताया कि मौसम बिल्कुल साफ था। सुबह एक बार हल्के बादल दिखाई दिए थे लेकिन बाद में मौसम साफ हो गया था। उन्होंने कहा कि यदि मौसम खराब होता तो दल आगे नहीं बढ़ता।
अनिल ने बताया कि मौसम बिल्कुल साफ था। सुबह एक बार हल्के बादल दिखाई दिए थे लेकिन बाद में मौसम साफ हो गया था। उन्होंने कहा कि यदि मौसम खराब होता तो दल आगे नहीं बढ़ता।