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Uttarakhand Avalanche:...हम सब बुरी तरह फंसे थे, साथियों पर बर्फ का पूरा पहाड़ पड़ा था, मेजर देवल की आपबीती

Thu, 06 Oct 2022 10:56 AM IST
शाहरुख खान रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 06 Oct 2022 10:56 AM IST
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Uttarkashi Avalanche Survivor Major Deval Vajpayee Spoke with SDRF About the Tragedy News in Hindi
अस्पताल में भर्ती घायल प्रशिक्षु - फोटो : अमर उजाला
...हम सब बुरी तरह फंसे हुए थे। हमारे साथी बर्फ में फंसे थे। हम उन्हें छोड़कर आगे बढ़ गए। बर्फ का पूरा पहाड़ उनके ऊपर पड़ा था। हम थोड़ा आगे बढ़े और अपने घायल साथियों को संभाला। इसके बाद हाइपर थर्मियां भी होने लगा। लग रहा था कि अब कोई नहीं बचेगा। लेकिन, जैसे तैसे हिम्मत बांधी और बर्फ के पहाड़ के नीचे दबे अपने साथियों को निकालने का प्रयास किया। इन सबकी मृत्यु हो चुकी थी। हम और साथियों को भी तलाशने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन, मौसम फिर से बिगड़ गया। एयरफोर्स और एनडीआरएफ की टीम वहां पहुंची और हमे बेस कैंप ले गई। लेकिन, इसके बाद घटनास्थल पर जाने का किसी को मौका नहीं मिला। बर्फ के पहाड़ में फंसकर छह घंटे बाद निकले मेजर देवल वाजपेई ने यह सब बातें एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा को बताई। 
Uttarkashi Avalanche Survivor Major Deval Vajpayee Spoke with SDRF About the Tragedy News in Hindi
घायलों को लेकर जाते एसडीआरएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला
इस बातचीत के आधार पर मिश्रा ने बताया कि वहां से कुल 46 लोग लौट रहे थे। इनमें से 16 लोग कुछ आगे थे और 30 पीछे। मेजर वाजपेई ने बताया है कि वह दोपहर ढाई बजे के आसपास वहां से निकले थे। उन्हें पता था कि बाकी सब पीछे दब गए हैं। लेकिन, उस वक्त वहां से आगे जाने के अलावा कोई चारा न था। 

 
Uttarkashi Avalanche Survivor Major Deval Vajpayee Spoke with SDRF About the Tragedy News in Hindi
ट्रेनर अनिल कुमार - फोटो : अमर उजाला
16 में से दो लोगों को चोट भी आई थी। इन्हें संभालने के बाद यह सब पीछे गए और फिर चार साथियों को निकाला। चारों की मृत्यु हो चुकी थी। इनमें दो ट्रेनर और दो प्रशिक्षु शामिल थे। 

 
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Uttarkashi Avalanche Survivor Major Deval Vajpayee Spoke with SDRF About the Tragedy News in Hindi
उत्तरकाशी के लिए रवाना होती एसडीआरएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला
मेजर ने बताया है कि वहां पर कुछ और लोग भी दिख रहे थे। लेकिन, सब बुरी तरह दबे हुए थे। उनके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। कमांडेंट ने बताया कि बुधवार को बेस कैंप से एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और निम की टीमें पैदल घटनास्थल के लिए निकली हैं। ये टीमें बृहस्पतिवार दोपहर तक घटनास्थल पर पहुंचेंगी।
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Uttarkashi Avalanche Survivor Major Deval Vajpayee Spoke with SDRF About the Tragedy News in Hindi
उत्तरकाशी के लिए रवाना होती एसडीआरएफ की टीम - फोटो : अमर उजाला
जहां दबे पर्वतारोही, वहां अब तक नहीं पहुंच पाई रेस्क्यू टीम
आपको बता दें कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए निकला 46 पर्वतारोहियों का दल डोकराणी बामक ग्लेशियर क्षेत्र में जिस जगह हिमस्खलन की चपेट में आया, वहां तक अभी रेस्क्यू टीम पहुंची ही नहीं है। वहां फंसे पर्वतारोहियों ने खुद के साथ साथियों को रेस्क्यू तक बेस कैंप तक पहुंचाया। वहां से बुधवार को 14 लोगों को हेलीकॉप्टर से मातली लाया गया। दल के बाकी 26 प्रशिक्षु अभी भी लापता हैं। इस दल के चार लोगों की मौत मंगलवार को ही हो चुकी है।

 
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