उत्तराखंड में बारिश कहर बरपा रही है। शनिवार सुबह भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं नेपाल के दारचूला में बादल फटने से पिथौरागढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी तबाही मची है। पिथौरागढ़ के विकासखंड धारचूला में एक महिला की मौत हो गई है। जबकि 50 घर जलमग्न हो गए हैं। उधर नेपाल में पांच लोगों की मौत की सूचना है।
उत्तराखंड में बारिश का कहर: मलबे में दबने से दो महिलाओं की मौत, पिथौरागढ़ में भारी तबाही, घर छोड़कर भागे लोग
धारचूला के मल्ली बाजार में सड़कें मलबे और पानी से भरी हैं। वहीं नेपाल क्षेत्र में कल रात हुई अतिवृष्टि के चलते बारिश के साथ आए मलबे ने काली नदी का रुख बदलने से धारचूला क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है।
शुरुआती जानकारी में खोतिला में एक महिला और जबकि नेपाल में 11 लोगों के लापता होने की जानकारी।
ऊखीमठ में चार घंटे की मूसलाधार बारिश से ऊखीमठ नगर पंचायत के चुन्नी, मंगोली, ब्राह्मणखोली, प्रेमनगर क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल रहा। मलबा आने से कुंड- गोपेश्वर हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे करीब चार घंटे यातायात ठप रहा। ग्रामीणों के खेत-खलिहानों में पानी के साथ मलबा भरा गया। वहीं रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे माधव चिकित्सालय नारायणकोटी के समीप पुश्ता ढह गया जिससे सात घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। दोपहर बाद एनएच द्वारा ऊपरी क्षेत्र में हल्का कटान कर बड़े वाहन खाली कर आगे बढ़ाए गए। साथ ही छोटे वाहनों के संचालन में भी सतर्कता बरती जा रही है।
मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से कुंड-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग जैयवीरी में तीन सौ मीटर भूधंसाव में आ गया है। यहां जगह-जगह कई फीट गहरी दरारें पड़ने से सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। सुबह के समय लोग हाईवे पर पैदल भी नहीं चल पाए। पूर्वाह्न करीब 11 बजे एनएच-लोनिवि निर्माण खंड रुद्रप्रयाग ने प्रारंभिक सुुुधारीकरण कर यातायात बहाल कर दिया है। एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हाईवे की स्थिति खराब हो गई है।
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