देहरादून, उत्तरकाशी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में 24 घंटे में भारी बारिश के आसार है। भारी बारिश को देखते हुए मौसम विज्ञानियों ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि पांच जिलों में बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन के लिहाज से सतर्क रहना होगा।
भारी बारिश को देखते हुए डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अफसरों को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में तत्काल राहत अभियान शुरू किया जा सके। कहा कि यदि आपदा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही हुई तो संबंधित विभागों के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
उधर बुधवार सुबह से शुरू हुई भारी बारिश से बदरीनाथ और यमुनोत्री हाईवे अलग-अलग जगह पर बंद हो गए हैं। उधर, चंपावत जिले में बादल छाए हुए जबकि एक ग्रामीण सड़क सिप्टी-अमकडि़या बंद है। वहीं जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग घोड़ा पड़ाव व यमुना मंदिर के बीच उफान पर आई नदी के कारण लोग जोखिम भरी आवाजाही कर रहे हैं।
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यमुना घाटी में बारिश शुरू।
- फोटो : अमर उजाला
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पुरसाड़ी के समीप दीवार टूटने से अवरुद्ध हो गया है। पुलिस प्रशासन ने यात्रा वाहनों की आवाजाही नंदप्रयाग सेकोट सड़क से शुरू कराई है।
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यमुना घाटी में बारिश शुरू ।
- फोटो : अमर उजाला
यमुनोत्री धाम में रात से बिजली सप्लाई बंद है। वहीं धाम के पैदल मार्ग पर जगह-जगह मलबा पानी आने श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
चमोली जिले में भी रातभर से हो रही बारिश बुधवार सुबह थमी, लेकिन बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह बाधित हो गया। जनपद में 19 सड़कें मलबा आने से बंद हैं।
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नदियों का रौद्र रूप।
- फोटो : अमर उजाला
यमुनोत्री धाम से लगे गीठ ओजरी पट्टी में रातभर भारी बारिश से यमुना नदी के साथ सहायक नदी नाले उफान पर आने से राना गांव में सड़क का पानी और मलबा लोगों के घरों में घुस गया। घरों में मलबा घुसने से ग्रामीण दहशत में रातभर बाहर रहे।