उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के जामुनी तोक में रहने वाले चंद्र सिंह को तबाही की आहट हुई तो सबसे पहले उन्होंने अपने भाई के घर जाकर उन्हें सचेत किया। भागकर पत्नी और तीन भतीजियों को जगाने आए तब तक मकान के साथ खुद भी मलबे में बह गए। तीन बेटियों, भाई और भाभी के मलबे में दफन होने से छोटे भाई का परिवार दहशत और सदमे में है।
पिथौरागढ़ में आपदा: भाई के परिवार को सचेत कर खुद मलबे में बहे चंद्र सिंह, जिंदा दफन हो गईं पांच जिंदगियां
जोगा सिंह ने तत्काल पत्नी और दो बेटों को जगाया और सुरक्षित स्थान की ओर भाग निकले। इधर, चंद्र सिंह जैसे ही पत्नी और भतीजियों को जगाने के लिए भीतर गया तब तक पहाड़ी से आए मलबे ने मकान को जमींदोज कर दिया।
घर में मौजूद सभी पांच सदस्य देखते ही देखते मलबे में दफन हो गए। सुबह होने पर जोगा सिंह को अपने और भाई के घर पास मलबा और पत्थर ही नजर आए। बताया जा रहा है कि हादसे में पत्नी के साथ लापता चंद्र सिंह का एक बेटा पिथौरागढ़ में पढ़ता है। इसके चलते वह बच गया। प्रकृति के इस कहर के बाद पूरा गांव सहमा हुआ है। दशकों से इस आपदा की त्रासदी झेल रहे ग्रामीणों की आंखों में खौफ साफ दिखाई देता है।
रविवार रात अतिवृष्टि के कारण धारचूला-तवाघाट सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। सड़क सुधार की फिलहाल उम्मीद नहीं है। ऐसे में लोगों को करीब 15 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ेगा। इन हालातों में क्षेत्र में राशन सहित अन्य जरूरी सामान की किल्लत होने की भी आशंका है।
इनकी हुई मौत
1 -संजना (15) पुत्री जोगा सिंह निवासी जामुनी।
2 - रेनू (11) पुत्री जोगा सिंह निवासी जामुनी।
3 - शिवानी (9) पुत्री जोगा सिंह निवासी जामुनी।
4 - सुनीता पत्नी दीपक सिंह निवासी जामुनी ।
5 - पार्वती देवी पत्नी लाल सिंह निवासी नालपोली।