उत्तराखंड में बारिश के कारण दारमा घाटी की सड़क कई जगहों पर बंद है। मौसम ठीक होने पर गांव गए लोग अब नीचे की ओर आने लगे हैं। जो सफर लोग वाहन से चार घंटे में पूरा करते थे, अब जान जोखिम में डालकर 30 घंटे में यह सफर पूरा हो रहा है। वहीं सड़क जल्द नहीं खुलती है तो क्षेत्र में राशन और अन्य जरूरी सामान की कमी हो सकती है।
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नागलिंग ग्राम निवासी मोती नगन्याल ने गांव से लौटने पर बताया कि उन्हें तहसील मुख्यालय पहुंचने में 30 घंटे लगे। उनकी गाड़ी दुग्तु में फंसी है। सड़क बंद होने के कारण वह पैदल अन्य आठ लोगों के साथ आए। बारिश के कारण दारमा घाटी में दर से आगे और वुरुंग नाला, सेला, नागलिंग, बालिंग और दुग्तु तक लगभग 40 किलोमीटर की सड़क पर बोल्डर और मलबा आने से कई जगहों पर सड़क बंद हो है। वुरुंग नाले में लगभग 20 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। मोती नगन्याल ने बताया कि उनको धारचूला किसी जरूरी कार्य से आना था। इसलिए वह पैदल ही आ गए।
उन्होंने बताया कि जहां-तहां सड़क बंद होने के कारण वे लोग जान हथेली पर रखकर आए हैं। कहा कि मौसम ठीक होने के बाद भी सीपीडब्ल्यूडी और प्रशासन सड़क खोलने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। मोती नगन्याल ने बताया कि सड़क बंद होने से पूजा के लिए गांव गए लोगों के साथ ही कई वाहन भी दारमा में ही फंसे हैं।
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लकड़ी के लट्ठों पर चलकर नदी पार करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
उधर, पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी लगातार दरक रही है। बुधवार को भी दिन में इस मार्ग पर गुरना और चुपकोट के समीप दो स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिसके चलते मार्ग चार घंटे मार्ग बंद रहा। इस दौरान दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
सीमांत जिले की जीवन रेखा कहा जाने वाला पिथौरागढ़-घाट मार्ग लगातार बाधित हो रहा है। गुरना से लेकर घाट तक कई स्थानों पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिर रहा है। एक सप्ताह तक बाधित रहे इस सड़क को सोमवार की रात खोल दिया था। बुधवार की सुबह लगभग दस बजे गुरना और चुपकोट बैंड के पास फिर मलबा आ गया। दो स्थानों पर सड़क बंद होने से दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए।
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हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
दोनों स्थानों पर मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। दिन में दो बजे सड़क को यातायात के लिए सुचारु किया जा सका। लगातार सड़क के बाधित होने से सीमांत जिले की जनता को तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। बुधवार को कनालीछीना के समीप सड़क पर मलबा आने से पिथौरागढ़-धारचूला एनएच में भी कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
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कुमाऊं में भूस्खलन से रास्ते बंद
- फोटो : अमर उजाला
मूसलाधार बारिश के कारण पिथौरागढ़ जनपद में सीमा को जाने वाली छह सड़कों के साथ ही कुल 21 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबगड़- लिपुलेख, तवाघाट-घट्टाबड़, तवाघाट- सोबला, गुंजी- ज्योलिंगकांग, जौलजीबी- मुनस्यारी, सोबला- तिदांग सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा 15 ग्रामीण सड़कें बंद हैं।