देश के अन्य राज्यों से घूमने आए पर्यटक दूसरे दिन भी लंबे जाम से गुजरने के बाद मसूरी पहुंचे। जबकि, कोरोना की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट, स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण और होटल की बुकिंग न होने से करीब 1500 वाहनों को कोठालगेट से लौटा दिया गया।
इस दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। वहीं, भारी बारिश से जिला टिहरी गढ़वाल के प्रसिद्व पर्यटन स्थल कैंपटी फॉल में पानी बढ़ गया है। खतरे को देखते हुए पुलिस ने सैलानियों के फॉल में जाने से रोक लगा दी है।
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मसूरी में बढ़ते पर्यटकों के दबाव और जाम से छुटकारा पाने के लिए पुलिस की ओर से केवल उन्हें ही प्रवेश दिया गया, जिनके पास कोरोना गाइडलाइन से संबंधित दस्तावेज पूरे थे। इस व्यवस्था से मैगी प्वाइंट से लेकर मसूरी तक राहत रही। मैगी प्वाइंट के दुकानदारों ने कहा कि कोठालगेट से कम वाहन आने की वजह से उनका काम प्रभावित हुआ है।
दुकानदार सुनील रावत ने बताया कि वीकेंड पर अच्छा काम होता है, लेकिन बीते दो दिन से कोठालगेट पर वाहनों को रोकने से काम प्रभावित हुआ है।
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मसूरी जाने के लिए लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, पुलिस ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन से संबंधित दस्तावेज पूरे न होने पर करीब एक हजार चारपहिया और पांच सौ दोपहिया वाहनों को लौटा दिया गया। सड़क के दोनों और लंबा जाम लगने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मसूरी जाने के लिए लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
जाम में फंसे पर्यटकों को दिन में हुई बारिश से राहत मिली। हालांकि, दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी भी हुई। दून में रविवार सुबह से ही बादल छाए रहे और दिन में हुई बारिश से गर्मी का एहसास नहीं हुआ।
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कैंपटी फॉल में बढ़ा पानी
- फोटो : अमर उजाला
थानाध्यक्ष कैंपटी नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि कैंपटी क्षेत्र में शनिवार रात को हुई भारी बारिश से कैंपटी फॉल में पानी बढ़ गया और मुख्य झील में मलबा भर गया। बताया कि रविवार को कैंपटी में सैलानी तो आए, लेकिन पानी ज्यादा और गंदा होने के कारण उन्हें झरने के पास नहीं जाने दिया गया। कुछ सैलानियों ने दूर से ही फॅल की फोटो खींची।
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मसूरी में लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
बताया कि सैलानियों की सुरक्षा के चलते रविवार को फॉल में नहाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया। बताया कि झरने में पानी के साथ पत्थर और मलबा आ रहा था। इससे सैलानियों को खतरा हो सकता था। कैंपटी फॉल में पानी बढ़ने से चार दुकानों को भी नुकसान हुआ है। साथ ही कैंपटी जाने वाली सीढ़ियों पर भी बोल्डर आ गए हैं।