रूस से आए तीन जोड़ों ने बुधवार को धर्मनगरी हरिद्वार में हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह किया और एक दूसरे को जन्म जन्मांतर के लिए अपना जीवन साथी चुना। उन्होंने वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे लिए। इसके बाद संतों के आशीर्वाद प्राप्त किया।
हरिद्वार के अखंड परमधाम में पहुंचे रूसी जोड़ों में लैरिसा ने यूरा के साथ, एलसी ने रुशलम के साथ और विक्टोरिया ने मैटवी के साथ वैदिक परंपरा के अनुसार विवाह किया।
जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए संत बराती बनकर पहुंचे। विवाह में विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, जिला धर्माचार्य संपर्क प्रमुख मयंक चौहान, बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक विकास प्रधान समेत बड़ी संख्या में संत शामिल हुए।
उत्तराखंड: ठीक होने के बाद पहली बार धार्मिक यात्रा पर निकले क्रिकेटर ऋषभ पंत, किए बदरी-केदार के दर्शन
2 of 5
रशियन जोड़ों ने हिंदू रीति रिवाज की शादी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि सेंट पीटर्सबर्ग, मास्को व अन्य शहरों के अंग्रेज भी बाराती बनकर रूस से हरिद्वार आए थे। वर और वधु को उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुरूप मंडप में आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान रूस से आए करीब 25 सदस्यों के दल ने खूब मस्ती की।
3 of 5
रशियन जोड़ों ने हिंदू रीति रिवाज की शादी
- फोटो : अमर उजाला
बरात में गढ़वाली और कुमाऊंनी गीतों की धुन भी बजी। बैग पाइपर, ढोल और दमांऊ की थाप पर रूसी बराती खूब थिरके। उनके इस अंदाज को देखने वाले भी सहज उनकी बरात में शामिल हो गए। अखंड परमधाम में यह रोचक नजारा पर्यटन स्थली और धर्मनगरी में देश के अन्य राज्यों से घूमने आए युवाओं के लिए बेदह खास रहा। सभी ने अपने मोबाइल में इस पल को कैद किया।
4 of 5
रशियन जोड़ों ने हिंदू रीति रिवाज की शादी
- फोटो : अमर उजाला
सनातन धर्म से प्रभावित होकर आज विदेशों से भी लोग इसे अपना रहे हैं। उनकी इस इच्छा को परमधाम ने स्वीकार्य किया और वैवाहिक बंधन में बंधने के बाद संतों ने आशीर्वाद प्रदान किया।
- स्वामी परमानंद गिरी महाराज, ट्रस्टी रामजन्म भूमि न्यास क्षेत्र अयोध्या
5 of 5
रशियन जोड़ों ने हिंदू रीति रिवाज की शादी
- फोटो : अमर उजाला
रूसी जोड़ों के अनुग्रह को स्वीकार्य करते हुए उन्हें हिंदू सनातन संस्कृति से जोड़ा गया है। यह विशेषता है हिंदू धर्म और इसके संस्कार की।
- महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद, उत्तराधिकारी अखंड परमधाम