उत्तराखंड मुख्यमंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद प्रदेश का सियासी पारा हाई हो गया है। यही नहीं मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
कुछ लोग उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रातव तो कुछ शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर रहे हैं। लेकिन इनमें उत्तरा पंत के समर्थन में किया गए पोस्ट ज्यादा हैं।
मुख्यमंत्री के जनता मिलन कार्यक्रम में हंगामा करने वाली शिक्षिका उत्तरा पंत को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। लेकिन, निलंबन का कारण स्पष्ट नहीं है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के जनता मिलन कार्यक्रम में हंगामा करने वाली उत्तरा पंत पिछले करीब तीन वर्षों से तबादलों के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं। उत्तरा की माने तो वर्ष 2015 में पति की मौत के बाद से वह लगातार अधिकारियों से फरियाद लगा रही हैं।
हर स्तर पर उन्होंने अपील की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ दिन पहले भी उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की, जहां से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। प्रकरण के बाद से सोशल मीडिया पर शिक्षक उनके पक्ष में खड़े हो गए हैं। शिक्षकों ने शिक्षिका के व्यवहार को गलत ठहराया लेकिन सीएम का भी समर्थन नहीं किया। फेसबुक पर शिक्षकों ने लिखा कि यह सड़-गल चुके सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है।