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आपदा से लड़ेगी उत्तराखंड के 10 हजार 'सैनिकों' की फौज

Sun, 06 Dec 2015 06:54 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 06 Dec 2015 06:54 PM IST
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आपदा से लड़ेगी उत्तराखंड के 10 हजार 'सैनिकों' की फौज

uttarakhand nyaya panchayat will do disaster management.

उत्तराखंड की 670 न्याय पंचायतों में से अब करीब 400 न्याय पंचायतों मे आपदा प्रबंधन की बचाव और राहत की टीमों की उपस्थिति है। इन 400 न्याय पंचायतों में आपदा प्रबंधन कार्ययोजना भी तैयार कर ली गई है। इस हिसाब से दस हजार लोगों की एक बड़ी प्रशिक्षित सेना 400 न्याय पंचायतों में खड़ी हो गई है।

आपदा से लड़ेगी उत्तराखंड के 10 हजार 'सैनिकों' की फौज

uttarakhand nyaya panchayat will do disaster management.

आपदा प्रबंधन एवं न्यूनीकरण के तहत प्रदेश के प्रत्येक गांव की अपनी कार्ययोजना होने का लक्ष्य है। यह तो नहीं हो पाया पर इतना जरूर है कि 407 न्याय पंचायतों में आपदा प्रबंधन कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

आपदा से लड़ेगी उत्तराखंड के 10 हजार 'सैनिकों' की फौज

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इस कार्ययोजना के तैयार होने का मतलब है कि न्याय पंचायत स्तर पर यह भांप लिया गया है कि आपदा किस-किस तरह की हो सकती है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है। कार्ययोजना में कनेक्टिविटी पर जोर दिया गया है। प्रदेश की 670 न्याय पंचायतों में से 407 में 25-25 लोगों की प्रशिक्षित सेना तैयार की जा चुकी है।

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इन न्याय पंचायतों में गांव के लोग न सिर्फ आपदा को भांपने की क्षमता रखते हैं, बल्कि आपदा आने पर अपने स्तर पर बचाव और राहत के काम को भी अंजाम दे सकते हैं। जून 2013 की आपदा के बाद से ही प्रदेश में यह महसूस किया जा रहा है कि सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जाना चाहिए। इसी के तहत यह सारी कसरत हो रही है।

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इसमें कार्ययोजना के तहत न्याय पंचायत स्तर पर आपदा की प्रकृति और संवदेनशीलता का पूरा रिकार्ड, गांव में आपदा के समय और उसके बाद के प्रबंधन के लिए कम से कम 25 लोगों की प्रशिक्षित टीम, न्याय पंचायत स्तर पर आपदा के समय के लिए सुरक्षित स्थान का चयन, संपर्क के साधन और आपदा के समय में कनेक्टिविटी को रिस्टोर करने का प्रशिक्षण और सभी प्रशिक्षित व्यक्तियों का पूरा डाटा बेस और यह सुनिश्चित करना की आपदा के समय मुख्यालय से इनका संपर्क बना रहे हैं।

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