भारतीय जनता पार्टी पहले दिन से देहरादून की मेयर सीट पर भारी मतों से जीत का दावा करने में पीछे नहीं है, लेकिन मतदान के बाद आई खुफिया रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली हैं।
उत्तराखंड निकाय चुनाव 2018: चौंकाने वाली हैं चुनाव की खुफिया रिपोर्ट, भाजपा को लगेगा जोर का झटका
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सूत्रों के मुताबिक खुफिया तंत्र ने चुनाव को एक तरफा भाजपा के समर्थन में नहीं माना है। गामा के मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल को भले ही कम नंबर दिए हो, लेकिन आप प्रत्याशी की सेंधमारी को कई मायने में महत्वपूर्ण माना है।
भाजपा प्रत्याशी सुनील उनियाल गामा के मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल के आने के बाद से भाजपाई अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं। गामा के चुनाव से प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा शहरी क्षेत्र के भाजपा विधायकों की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। ऐसे में हर कोई मेयर चुनाव के नतीजों पर टकटकी लगाए है।
कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल ने इस बार शक्ति प्रदर्शन दिखाने के बजाए डोर-टू-डोर संपर्क तक खुद को सीमित रखा है। मतदान संपन्न होने के बाद भाजपाई जीत को लेकर बेहद उत्साहित है। देर रात तक इस बात पर कयासबाजी चलती रही कि सुनील उनियाल गामा कितने मतों से जीत रहे हैं।
मतदान के बाद आई खुफिया तंत्र की रिपोर्ट ने जरूर भाजपा के कान खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक खुफिया तंत्र ने भाजपा के समर्थन में एक तरफा मतदान न होने का जिक्र किया है। कई इलाकों में कांग्रेस प्रत्याशी दिनेश अग्रवाल के मजबूती से चुनाव लड़ने की बात कही गई है।