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रोमांच का सफर : 59 सालों बाद पर्यटकों के लिए खुली ऐतिहासिक गरतांग गली, तस्वीरें...

Fri, 20 Aug 2021 12:11 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून/ उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 20 Aug 2021 12:11 AM IST
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Uttarakhand News: Historic Gartang Gali open for tourists After 59 years photos
गरतांग गली - फोटो : अमर उजाला

भारत-तिब्बत व्यापार की गवाह रही उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी में स्थित ऐतिहासिक गरतांग गली की सीढ़ियों का देश दुनिया के पर्यटक दीदार करने लगे हैं। गरतांग गली की सीढ़ियों का पुनर्निर्माण कार्य जुलाई माह में पूरा किया जा चुका है। 



गरतांग गली की लगभग 150 मीटर लंबी सीढ़ियां अब नए रंग में नजर आने लगी हैं। 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी गरतांग गली की सीढ़ियां इंजीनियरिंग का नायाब नमूना हैं। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद इस लकड़ी के सीढ़ीनुमा पुल को बंद कर दिया गया था। अब करीब 59 सालों बाद वह दोबारा पर्यटकों के लिए खोला गया है। कोरोना गाइडलाइन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बार में 10 ही लोगों को पुल पर भेजा जा रहा है। 

पेशावर से आए पठानों ने 150 साल पहले इस पुल का निर्माण किया था। आजादी से पहले तिब्बत के साथ व्यापार के लिए उत्तरकाशी में नेलांग वैली होते हुए तिब्बत ट्रैक बनाया गया था। यह ट्रैक भैरोंघाटी के नजदीक खड़ी चट्टान वाले हिस्से में लोहे की रॉड गाड़कर और उसके ऊपर लकड़ी बिछाकर तैयार किया था। इस रास्ते से ऊन, चमड़े से बने कपड़े और नमक लेकर तिब्बत से उत्तरकाशी के बाड़ाहाट पहुंचाए जाते थे। इस पुल से नेलांग घाटी का रोमांचक दृश्य दिखाई देता है।

Uttarakhand News: Historic Gartang Gali open for tourists After 59 years photos
गरतांग गली - फोटो : अमर उजाला

नेलांग घाटी सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। गरतांग गली भैरव घाटी से नेलांग को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर जाड़ गंगा घाटी में मौजूद है। उत्तरकाशी जिले की नेलांग घाटी चीन सीमा से लगी है। सीमा पर भारत की सुमला, मंडी, नीला पानी, त्रिपानी, पीडीए और जादूंग अंतिम चौकियां हैं।

Uttarakhand News: Historic Gartang Gali open for tourists After 59 years photos
गरतांग गली - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद बने हालात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने उत्तरकाशी के इनर लाइन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। यहां के ग्रामीणों को एक निश्चित प्रक्रिया पूरी करने के बाद साल में एक ही बार पूजा अर्चना के लिए इजाजत दी जाती रही है। इसके बाद देश भर के पर्यटकों के लिए साल 2015 से नेलांग घाटी तक जाने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से इजाजत दी गई थी।

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Uttarakhand News: Historic Gartang Gali open for tourists After 59 years photos
गरतांग गली - फोटो : अमर उजाला

बुधवार को पहले दिन रेडक्रॉस समिति के चेयरमैन अजय पुरी, सुरेंद्र गंगाड़ी, संजय पंवार, राहुल पंवार, राजेश जोशी, सुरजीत व कन्हैया सेमवाल ने गरतांग गली की सैर की। रेडक्रॉस समिति के चेयरमैन अजय पुरी, सुरेंद्र गंगाड़ी ने इसे पर्यटकों व आगंतुकों के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन बताया।

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Uttarakhand News: Historic Gartang Gali open for tourists After 59 years photos
गरतांग गली पहुंचे पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए गरतांग गली की सीढियों का पुनर्निर्माण कार्य किया गया। इस पुल का ऐतिहासिक और सामरिक महत्व है। सरकार की ओर से इस पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे जुड़े सभी आयामों को विकसित किया जा रहा है।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री, उत्तराखंड

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