नानकमत्ता नगर में सर्राफ, उनकी मां, नानी व ममेरे भाई की नृशंस हत्या के बाद लूटपाट का रूप देने की आशंका जताई जा रही है। घटना में अंकित रस्तोगी उर्फ अजय रस्तोगी (28), मां आशा देवी (60), नानी सन्नो देवी (80) और ममेरा भाई उदित रस्तोगी (26) मृतक हैं। पुलिस व फॉरेंसिक टीम को जांच में तिजोरी से कैश व जेवरात गायब मिले हैं। हालांकि, पुलिस अभी इस पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। इसके अलावा पुलिस परिवार की रंजिश, मृतक अंकित के संबंधों के बिंदु को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है।
उत्तराखंड: एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या से हड़कंप, दो शव घर पर तो दो मिले नदी किनारे
नगर के मुख्य बाजार में रहने वाले ज्वैलर अंकित, उनकी मां, नानी और ममेरे भाई की नृशंस हत्या धारदार हथियार से की गई है। पुलिस ने घर जाकर जब मां-बेटी के शवों को कब्जे में लिया तो फॉरेंसिक एक्सपर्ट कुमाऊं के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल सरन भी दो टीमों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। यहां टीम ने जब जांच की तो तिजोरी से कैश व सोने चांदी के जेवरात गायब मिले।
ज्वैलरी की दुकान पर भी टीम को नकली जेवरात रखे मिले। ज्वैलरी के बॉक्स भी खाली मिले हैं। जबकि असली वहां से भी गायब थे। इससे हत्या की घटना के पीछे प्रथम दृष्ट्या लूट की आशंका जताई जा रही है। वहीं, पुलिस की टीमें ज्वैलर्स व उसके परिवार की हिस्ट्री खंगालने में जुटी है।
घर की तिजोरी साफ मिलने और दुकान से भी सोना व चांदी के असली जेवरात गायब होने से यह तो साफ हो गया है कि मर्डर के बाद लूटपाट की वारदात का रूप देकर हत्यारोपी फरार हो गए। लेकिन पुलिस लूट को ही नहीं, मृतकों के पारिवारिक संबंधों, ज्वैलर्स से रंजिश और संबंधों आदि बिंदुओं को केंद्र में रखकर पड़ताल में जुटी है। संयुक्त निदेशक डॉ. दयाल सरन के नेतृत्व में दोनों टीमों ने घटनास्थल से खून, बाल, मास्क आदि के सैंपल उठाए हैं। साथ ही तिजोरी से फिंगर प्रिंट भी लिए हैं। डॉ. सरन ने बताया कि सैंपलों के जरिये डीएनए की जांच की जाएगी। हत्यारोपी बच नहीं सकते।
डॉ. सरन के नेतृत्व में महेश जोशी, हरीश कुमार व रमन कंबोज एवं दूसरी टीम की एसआई पुनीता बलोदी, मनीष बिष्ट, भूपेंद्र तिवारी, मनीष कुमार देवहा नदी किनारे घटनास्थल एवं मृतकों के आवास पर पहुंचे। उन्होंने मौके से खून, बाल, मृतकों के कपड़े आदि जब्त कर लिए। साथ ही तिजोरी से फिंगर प्रिंट लिए। बताया कि मृतका आशा देवी की मुट्ठी से अपराधी के बाल व मास्क मिला है। इसके जरिये अपराधियों तक पहुंचा जाएगा। महिला की मुट्ठी में मिले बाल और मास्क हत्या की घटना की गुत्थी सुलझाएंगे। बताया कि महिला से दुष्कर्म तो नहीं हुआ है, इसकी भी जांच की गई।
पुलिस व फॉरेंसिक एक्सपर्ट की जांच में घटनास्थल से एक मोबाइल व कुछ दवाइयां भी मिली हैं। एसओजी के प्रभारी कमलेश भट्ट के नेतृत्व में टीम ने मोबाइल को कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए मोबाइल की सर्विलांस के जरिये जांच करेगी। कई दुकान व घरों से सीसीटीवी फुटेज भी लिए गए हैं।
वहीं परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या के बाद परिजनों के चीत्कार से पत्थर दिल भी पसीज उठे। बेटियां अपनी मां, नानी और भाइयों के वियोग बेसुध हो रही थीं। बूढ़े पिता शिवशंकर रस्तोगी ने रूधे गले से कहा कि बेटे की जगह उसकी जान ले लेते, पर उसे छोड़ देते। कहा कि बेटे की शादी के लिए रिश्ते ढूंढे जा रहे थे। पर उन्हें क्या पता था कि बेटे की अर्थी कंधों पर उठानी पड़ेगी। वहीं बेटी के घर मेहमानी में रहने आई बुजुर्ग मां सन्नो देवी का यह सफर आखिरी था और उन्हें अपनी बेटी के साथ दुनिया से जाना था।