फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

साधु ही नहीं बेहतरीन फोटोग्राफर भी थे स्वामी सुंदरानंद, हिमालय के दुर्लभ नजारों को कैमरे में किया था कैद

Thu, 24 Dec 2020 05:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 24 Dec 2020 05:54 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand Latest News: Photo Baba swami sundaranand passes away See Himalaya Art Gallery
- फोटो : अमर उजाला

फोटो बाबा के नाम से पहचान रखने वाले स्वामी सुंदरानंद बुधवार रात देहरादून के एक अस्पताल में उपचार के दौरान ब्रह्मलीन हो गए। वे 97 वर्ष के थे। बीते सात दशकों तक गंगोत्री हिमालय में साधना कर हिमालय एवं गंगा में आए बदलावों को अपने कैमरे में कैद करने वाले स्वामी सुंदरानंद जीवन पर्यंत इनके संरक्षण के लिए प्रयास करते रहे। 

Uttarakhand Latest News: Photo Baba swami sundaranand passes away See Himalaya Art Gallery
- फोटो : अमर उजाला

स्वामी सुंदरानंद की पहचान सिर्फ एक साधु और योगी के रूप में नहीं, बल्कि फोटोग्राफर, घुमक्कड़, पर्वतारोही और सेना के गाइड के तौर पर भी रही। गंगा एवं हिमालय को समर्पित अपने जीवन में उन्होंने इन भूमिकाओं को बखूबी निभाया। यही कारण है कि सिर्फ आध्यात्मिक लोग ही नहीं, बल्कि इन विविध क्षेत्रों से जुड़े हजारों लोग भी उनके अनुयायी हैं।

Uttarakhand Latest News: Photo Baba swami sundaranand passes away See Himalaya Art Gallery
- फोटो : अमर उजाला

अनंतपुरम आंध्र प्रदेश निवासी स्वामी सुंदरानंद वर्ष 1948 में गंगोत्री आए थे। यहां हिमालय और गंगा के आध्यात्मिक स्वरूप के आकर्षण में बंधकर वे यहीं के होकर रह गए। यहां स्वामी तपोवन महाराज से दीक्षा ग्रहण कर उन्होंने गंगोत्री स्थित तपोवन कुटी में साधना की। इस दौरान उन्होंने गंगोत्री बदरीनाथ से तिब्बत के पठार और अफगानिस्तान तक 2500 किमी लंबे और 500 किमी चौड़े हिमालय का चप्पा-चप्पा छान मारा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Uttarakhand Latest News: Photo Baba swami sundaranand passes away See Himalaya Art Gallery
- फोटो : अमर उजाला

उन्होंने दस बार बेहद दुर्गम गंगोत्री-कालिंदी-बदरीनाथ ट्रैक को लांघा। वर्ष 1952 में उन्होंने नेलांग से पुलमसिंधु, तिब्बत एवं कैलाश मानसरोवर की यात्रा की। हिमालय और गंगा को बेहद नजदीक तक समझने वाले स्वामी सुंदरानंद ने बीते सात दशकों में यहां आए बदलावों को अपने कैमरे में कैद भी किया। वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान स्वामी सुंदरानंद ने भारतीय सेना के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में गाइड की भूमिका निभाई थी।

विज्ञापन
Uttarakhand Latest News: Photo Baba swami sundaranand passes away See Himalaya Art Gallery
- फोटो : अमर उजाला

स्वामी सुंदरानंद की तस्वीरों के संकलन पर प्रकाशित पुस्तक ‘हिमालय-थ्रू द लेंस ऑफ ए साधु’ को खूब लोकप्रियता मिली। पुस्तक का विमोचन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने किया था। स्वामी सुंदरानंद ने गंगोत्री धाम में पांच मंजिला ‘तपोवनम हिरण्यगर्भ कला दीर्घा’ का निर्माण कराया है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed