साहसिक पर्यटन से जुड़ी उत्तराखंड के सीमांत जिले की आइस संस्था ने 148 मीटर ऊंचे बिर्थी फॉल में रैपलिंग कर नया इतिहास रचा है। टीम के 38 सदस्यों ने नया रिकॉर्ड बनाकर 125 मीटर ऊंचे आंध्र प्रदेश के कृतिका वाटर फॉल के नाम दर्ज राष्ट्रीय रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। आइस संस्था के 30 सदस्यों ने वाटर फॉल रैपलिंग का रिकॉर्ड बनाने में पांच घंटे का समय लिया।
तल्ला जोहार मुनस्यारी के विश्व प्रसिद्ध 148 मीटर बिर्थी फॉल में आइस संस्था के 30 सदस्यों ने रविवार को रैपलिंग का राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड बनाया। आइस संस्था ने जिला प्रशासन और अन्य के सहयोग से बिर्थी वाटर फॉल में रैपलिंग शुरू की। इसमें प्रसिद्ध साहसिक पर्वतारोही मनीष कसनियाल और जया क्षेत्री ने फॉल के टॉप से ठंडे पानी की धाराओं के वेग से संघर्ष करते 148 मीटर उतरकर राष्ट्रीय स्तर का कीर्तिमान बनाया।
झरने के तल पर उतरते ही वहां पर उपस्थित साहसिक खेल प्रेमियों, दर्शकों और आयोजकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस कीर्तिमान को बनाने के लिए संस्था के 22 पुरुष और आठ महिला सदस्यों ने प्रतिभाग किया। आइस संस्था की कोशिश लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल होने की है। अब रिकॉर्ड दर्ज कराने के लिए आवेदन किया जाएगा। झरने के साथ रैपलिंग का रिकॉर्ड अभी आंध्र प्रदेश के नाम दर्ज है। जहां पर 125 मीटर की ऊंचाई से वाटर फॉल रैपलिंग की गई थी।
साहसिक पर्यटन की दृष्टि से पिथौरागढ़ जिले में विभिन्न गतिविधियां वर्षभर होती रहती हैं। इस क्षेत्र में सरकारी स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के साथ ही इस क्षेत्र में कार्य कर रही अनेक सस्थाएं भी सरकारी एवं गैर सरकारी सहयोग से कार्य करती हैं। छह दिसंबर का दिन जिले के साहसिक पर्यटन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक दिन रहा। साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही अग्रणी संस्था आइस ने 148 मीटर ऊंचे बिर्थी फॉल पर ठंडे पानी लहरों से जूझते हुए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया। संस्था के सचिव बासू पांडे ने कहा कि कोरोना काल में मुनस्यारी का पर्यटन कारोबार कम हो गया है। इस तरह के आयोजन से बिर्थी के साथ ही मुनस्यारी का पर्यटन कारोबार भी बढ़ने की उम्मीद है।
रैपलिंग 11 बजे से शुरू हुई। शुरू में टीम के सदस्यों ने 25 मिनट, दूसरी बार 20 और तीसरी बार 15 मिनट में रैपलिंग पूरी की। आइस संस्था का यह रिकॉर्ड जिले और राज्य में पहला है। सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने कहा कि रैपलिंग में राष्ट्रीय स्तर का रिकॉर्ड बनाना सराहनीय है, उससे निश्चित रूप से जिले, प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इससे जिले में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।