फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दिव्यांग दिवस 2020 स्पेशल : मुश्किलें तमाम, फिर भी पाया मुकाम, बनाई खास पहचान

Thu, 03 Dec 2020 11:25 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 03 Dec 2020 11:25 AM IST
विज्ञापन
Divyang Day 2020 Special: Troubles all over, still found a place, made special recognition
- फोटो : अमर उजाला

चुनौतियां कितनी भी हों, मगर जुनून और हौसला है तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। इसका बेमिसाल उदाहरण हैं दिव्यांग प्रतिभाएं, जिन्होंने शारीरिक कष्ट व आर्थिक तंगी के सामने हार नहीं मानी। उन्होंने हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए खुद को साबित किया। आज ये प्रतिभाएं किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। दिव्यांग दिवस पर ऐसी ही कई दिव्यांग प्रतिभाओं से आपका परिचय कराते हैं..


 

Divyang Day 2020 Special: Troubles all over, still found a place, made special recognition
- फोटो : अमर उजाला

दिव्यांग सागर थयात ने जूनियर वर्ल्ड पैरालंपिक एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश को गोल्ड मेडल दिलाया। सागर थयात ने गोला फेंक में छह अटेम्प्ट में छह बार बढ़त हासिल की। यह प्रतियोगिता स्विट्जरलैंड में हुई थी। उत्तराखंड पैरालंपिक एसोसिएशन के सचिव प्रेम कुमार ने कहा कि सागर थयात आने वाले समय में सीनियर वर्ग में भी देश को मेडल दिला सकते हैं। सागर मूल रूप से बागेश्वर के गरूड़ क्षेत्र के रहने वाले हैं। वह बेहद सामान्य परिवार से हैं। 
 

Divyang Day 2020 Special: Troubles all over, still found a place, made special recognition
- फोटो : अमर उजाला

पैर से दिव्यांग पिंटू सिंह तोमर ने स्वरोजगार के क्षेत्र में खास पहचान बनाई है। शारीरिक कष्ट व आर्थिक तंगी के बावजूद पिंटू ने हार नहीं मानी। उन्होंने सेवला कलां में छोटी सब्जी की दुकान खोलकर खुद की मेहनत से परिवार का गुजारा करना शुरू किया। इसके बाद पिंटू ने मोबाइल शॉप की भी शुरुआत की, जिसमें वह सफल रहे। ब्रह्मपुरी निवासी पिंटू कहते हैं कि वह उन युवाओं को संदेश देना चाहते हैं, जो लॉकडाउन में रोजगार गंवाकर हार मान चुके हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Divyang Day 2020 Special: Troubles all over, still found a place, made special recognition
- फोटो : अमर उजाला
जब भी दिव्यांग प्रतिभाओं की बात आती है तो जहन में सबसे पहले राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान का नाम आता है। यहां की प्रतिभाओं ने शिक्षा से लेकर खेल के क्षेत्र में खास मुकाम हासिल किया है। भले ही इन छात्रों की दृष्टि न हो, लेकिन इनका लक्ष्य पर निशाना अभेद्य है। 

सोवेंद्र सिंह भंडारी : सोवेंद्र सिंह भंडारी अंतरराष्ट्रीय ब्लाइंड फुटबॉलर व क्रिकेटर हैं। वह कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने एथलेटिक्स में भी राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीता है। सोवेंद्र उत्तरकाशी के रहने वाले हैं। उनके पिता किसान हैं।
विज्ञापन
Divyang Day 2020 Special: Troubles all over, still found a place, made special recognition
- फोटो : अमर उजाला

शिवम सिंह नेगी : 11वीं कक्षा के छात्र शिवम सिंह नेगी भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम के स्टार खिलाड़ी हैं। वह एशियन व राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कई खिताब जीत चुके हैं। वह 10 किलोमीटर की दौड़ में दूसरा स्थान भी हासिल कर चुके हैं। वह अब पैरा ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना चाहते हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed