उत्तराखंड में हल्द्वानी के हल्दूचौड़ में शनिवार की रात हुए हादसे में जान गंवाने वाले एक ही परिवार के चार लोगों के जनाजे उठे तो हर आंख रो पड़ी। बेटे, बहू और दो पौत्रों की मौत के गम में ठेकेदार की मां बेसुध हो गईं। बड़े भाई की भी हालत बिगड़ गई। मुजाहिद चौक पर नमाज-ए-जनाजा के बाद चारों को स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्दे-ए-खाक कर दिया गया।
उत्तराखंड: घर के आंगन से एक साथ उठे चार जनाजे, चारों तरफ मची चीख पुकार, उमड़ा जनसैलाब, तस्वीरें...
सभी लोग उन्हें दिलासा दे रहे थे। घर पर जब चार शव पहुंचे तो वह बेसुध हो गईं। उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। बड़े भाई शाकिर और नाहिद की भी हालत बिगड़ गई। लोगों ने उन्हें किसी तरह संभाला। दोपहर डेढ़ बजे लाइन नंबर 17 मुजाहिद चौक स्थित मस्जिद गफ्फारान में जोहर की नमाज के बाद नमाज-ए-जनाजा हुई। उसके बाद हजारों लोग जनाजों को लेकर कब्रिस्तान की ओर चलने लगे। इस बीच हर आंख नम थी। हर समय ट्रैफिक से अव्यवस्थित रहने वाला मंगल पड़ाव भी खामोश हो गया। कुछ देर के लिए आवागमन भी रोक दिया गया। सीओ के नेतृत्व में रास्ते में काफी फोर्स लगाई गई थी। दुआएं पड़ते हुए लोग बरेली रोड से कब्रिस्तान पहुंचे। जहां चारों को सुपुर्दे खाक किया गया।
सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती हादसे में घायल राशिद को रविवार की सुबह उसकी पत्नी, बड़े भाई और दो भतीजों की मौत की जानकारी दी गई तो उन्हें संभालना मुश्किल हो गया। वह एक ही बात दोहरा रहे थे कि मेरे भाई से मिलवा दो। राशिद को स्कूटर पर बैठाकर कब्रिस्तान लाया गया। शव देखते ही वह फफककर रो पड़े। साथियों ने उन्हें किसी तरह संभाला। अस्पताल में भर्ती शाहिद की पत्नी शाजिया को उसके पति और बेटे की मौत के बारे में परिजनों ने अभी नहीं बताया है।
दुर्घटनास्थल पर पुलिस के समय पर न पहुंचने और सुशीला तिवारी अस्पताल में प्रशासनिक अफसरों के समय पर न आने पर क्षेत्र के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। रविवार को एसडीएम विवेक राय और तहसील की टीम मृतकों के घर पहुंची तो क्षेत्रवासियों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने अफसरों...वापस जाओ के नारे भी लगाए। भीड़ में मौजूद लोग आक्रोश जताते हुए कह रहे थे कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही बरती। स्थानीय अस्पताल में घायल बच्चे और महिला को लेकर लोग गए तो डॉक्टर ही नदारद थे। प्राइवेट वाहनों से घायलों को एसटीएच भेजा गया। हादसे की जानकारी मिलने पर मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला और जिला पुलिस प्रशासन के अधिकारी नहीं आए। एसडीएम को भी लोग वापस जाने के लिए कहने लगे। एसडीएम ने कहा कि पीड़ित परिवार की मदद के लिए जिला प्रशासन की ओर से एक रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सपा नेता शोएब अहमद सिद्दीकी ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम ने सुबह ही चारों शवों का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान पुलिस की तरफ से मंडी चौकी प्रभारी दिनेश जोशी मौजूद थे। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने शहर को एक और जख्म दे दिया। इससे पूर्व दिसंबर 2005 में बांग्लादेश के पर्यटकों की बस रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी। उन्हें भी एक साथ स्थानीय कब्रिस्तान में दफन किया गया था। 4 फरवरी 2009 को मुरादाबाद के पास हुए हादसे में बरेली रोड निवासी वार्ष्णेय परिवार के 11 लोग और कार चालक की मौत हो गई थी।