हरिद्वार में कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़े महानिर्वाणी और श्री पंचायती अटल अखाड़े में विधि-विधान के साथ धर्मध्वजाएं फहराई गई। अखाड़े में महाकुंभ का आगाज होने के साथ अब पेशवाइयों की तैयारियां की रही हैं। महानिर्वाणी अखाड़े की पेशवाई आठ मार्च और अटल अखाड़े की पेशवाई नौ मार्च को बैंड-बाजों के साथ निकाली जाएगी।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अखाड़े की धर्म ध्वजा स्थापित करने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्रगिरि ने कहा है कि कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का शिखर पर्व है, जो पूरे विश्व में सनातन धर्म की पताका को फहराता है। कुंभ मेला पूरी दुनिया को धर्म का सकारात्मक संदेश देता है। जिससे प्रभावित होकर अनेकों देशों के लोग भारतीय सभ्यता को अपना रहे हैं।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि धर्मध्वजा के साथ ही अखाड़े के कुंभ मेले का प्रारंभ हो गया है। भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए महामंडलेश्वर और नागा संन्यासियों को दीक्षा प्रदान कर राष्ट्र कल्याण के लिए समर्पित किया जाएगा। आहवान अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत सत्यगिरि ने कहा कि सनातन धर्म पूरे विश्व में सबसे प्राचीन है। ऋषि-मुनियों के तप बल से पूरे विश्व में भारत का एक अनोखा स्थान है।
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महानिर्वाणी अखाड़े की धर्मध्वजा की पूजा करते संत
- फोटो : अमर उजाला
कनखल संन्यास रोड स्थित श्री पंचायती अटल अखाड़ा की धर्मध्वजा भी जयकारों के साथ रविवार सुबह स्थापित हो गई। नौ मार्च को अखाड़ा की भव्य पेशवाई निकाली जाएगी। पंचायती अटल अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत बलराम भारती ने कहा कि धर्मध्वजा को स्थापित करने के बाद बाद ही अखाड़ों का विधिवत कुंभ प्रारंभ होता है।
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महानिर्वाणी अखाड़े की धर्मध्वजा की पूजा करते संत
- फोटो : अमर उजाला
धर्मध्वजा स्थापना से पहले विधि-विधान के साथ परंपराओं का निर्वहन करते हुए उसका पूजन किया जाता है। धर्मध्वजा अखाड़ों की आन बान और शान होती है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि धर्म ध्वजा का मकसद पूजनीय संतों से कुंभ की अनुमति लेना होता है।
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महानिर्वाणी अखाड़े की धर्मध्वजा की पूजा करते संत
- फोटो : अमर उजाला
इस अवसर पर महंत हनुमान बाबा, महंत निर्मलदास, स्वामी शरदपुरी, महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, श्रीमहंत साधनानंद, मुखिया महंत भगतराम, महंत जगतार मुनि, महंत दामोदर दास, महंत जसविंदर सिंह, श्रीमहंत गिरजानंद सरस्वती, महंत शंकरानंद आदि सहित सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरुष एवं मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी संजय गुंज्याल, डीएम सी रविशंकर, एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
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महानिर्वाणी अखाड़े की धर्मध्वजा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बादशाहपुर स्थित श्रीपंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की शाखा में 16 मार्च को साधु-संतों और नागा संन्यासियों की जमात आएगी। जमात के स्वागत को लेकर अखाड़ा की शाखा में तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रीपंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की शाखा बादशाहपुर के महंत निरंजन दास कोठारी ने बताया कि कुंभ मेले को लेकर देशभर के साधु संतों और नागा संन्यासियों की जमात सबसे पहले तीन मार्च को पीपली स्थित शाखा में आएगी।