उत्तराखंड सरकारी स्कूल चाहे वे प्राथमिक स्तर की हों या उच्च स्तरीय। सभी स्कूलों में बड़े फेरबदल की तैयारी में है राज्य सरकार। जानिए, क्या है सरकार की योजना...
शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक के स्कूलों का एकीकरण की तैयारी शुरू कर दी है। खासकर उन स्कूलों का जो एक ही परिसर में होने के बावजूद अलग-अलग विद्यालय के रूप में चल रहे हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की ओर से विभागीय अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में कई जगहएक ही परिसर में तीन या इससे अधिक विद्यालय चल रहे हैं। इसमें इंटरमीडिएट कालेज के प्रिंसिपल का अन्य स्कूलों पर कोई नियंत्रण नहीं रहता। वहीं अलग-अलग स्कूल होने से यह भी समस्या बनी है कि किसी एक विद्यालय में छात्र कम और टीचर अधिक हैं तो कुछ में टीचर कम और छात्र अधिक हैं। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में इस तरह के स्कूलों का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सर्वे की जिम्मेदारी उप शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।
प्रदेश में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक 17739 से अधिक स्कूल हैं। इनमें 12511 प्राथमिक, 2957 उच्च प्राथमिक, 1033 हाईस्कूल और 1238 इंटरमीडिएट कालेज हैं।
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मांग पर अपग्रेड किए गए 1049 स्कूलों के अलग संचालन का जोओ पूर्व में जारी हो चुका है। हालांकि, सभी स्कूलों का अलग संचालन अभी नहीं हो पा रहा है। अब यदि स्कूलों का एकीकरण हुआ तो अपग्रेड स्कूलों के अलग संचालन की कवायद को झटका लगेगा।