फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chamoli Glacier Burst : तबाह ऋषिगंगा प्रोजेक्ट के दोबारा शुरू होने की संभावना कम, कंपनी हो गई थी दिवालिया

Mon, 08 Feb 2021 01:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 08 Feb 2021 01:00 AM IST
सार

  • 2011 में पहली बार शुरू हुआ था 13.2 मेगावाट के इस प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन
  • 2016 में मशीनें खराब होने की वजह से ठप हो गया था उत्पादन, फिर कंपनी हो गई दिवालिया
  • -तना नुकसान अब हुआ, उससे अब प्रोजेक्ट के दोबारा तैयार होने पर संकट

विज्ञापन
Uttarakhand Glacier Burst in Chamoli News: it is very tough to restart rishi ganga power project
चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला

ऋषिगंगा का जो पावर प्रोजेक्ट रविवार को आपदा की भेंट चढ़ गया, वह पहले से ही संकटों से घिरा रहा है। इस प्रोजेक्ट से दूसरी बार बिजली का उत्पादन शुरू हुआ था, लेकिन अब यह प्रोजेक्ट दोबारा शुरू हो पाएगा, इसकी संभावना कम ही रह गई हैं।


 

Uttarakhand Glacier Burst in Chamoli News: it is very tough to restart rishi ganga power project
तपोवन टनल में फंसे मजदूरों को निकालते जवान - फोटो : अमर उजाला

ऋषिगंगा पर 13.2 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट का निर्माण वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। तय समय के भीतर प्रोजेक्ट तैयार भी हो गया था। वर्ष 2011 में इस प्रोजेक्ट से बिजली का उत्पादन शुरू हो गया था। वर्ष 2016 तक अनवरत उत्पादन भी हुआ। 2016 में इसकी मशीनों में बड़े स्तर पर खराबी आ गई, जिस वजह से बिजली का उत्पादन ठप हो गया।

Uttarakhand Glacier Burst in Chamoli News: it is very tough to restart rishi ganga power project
तपोवन टनल में फंसे मजदूर - फोटो : अमर उजाला

जिस कंपनी के पास यह प्रोजेक्ट था, इसके रखरखाव को देखते-देखते वह दिवालिया हो गई। अब प्रोजेक्ट संकट में आ गया। इस बीच वर्ष 2018 में दूसरी कंपनी कुंदन ग्रुप ने इस प्रोजेक्ट को खरीद लिया। उस कंपनी ने पूरी लगन के साथ मशीनें तैयार कीं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Uttarakhand Glacier Burst in Chamoli News: it is very tough to restart rishi ganga power project
चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला

जून 2020 से यहां टरबाइन चल पड़ी और बिजली का उत्पादन शुरू हो गया, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। रविवार को आई आपदा में यह प्रोजेक्ट तबाह हो गया है। विशेषज्ञों की मानें तो जिस हिसाब से इस पावर प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ है, उसको देखते हुए तो इसके दोबारा खड़े होने की उम्मीदें बेहद कम रह गई हैं। रविवार सुबह ग्लेशियर फटने से आई आपदा में ऋषि गंगा और तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। 

विज्ञापन
Uttarakhand Glacier Burst in Chamoli News: it is very tough to restart rishi ganga power project
चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला

यूजेवीएनएल के एमडी संदीप सिंघल ने बताया कि ऋषिगंगा से निकला पानी और मलबा धौलीगंगा नदी में मिल गया, जिससे तपोवन स्थित एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट पर भी असर पड़ा। इसके अलावा 520 मेगावाट के तपोवन-विष्णुगाड हाईड्रो प्रोजेक्ट के कुछ हिस्से को भी आंशिक नुकसान हुआ। हालांकि, अलकनंदा नदी पर बने टीएचडीसी कॉफर डैम पर इसका असर नहीं हुआ।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed