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उत्तराखंड में विकराल हुई आग: 12 घंटे में जल गया करीब 105 हेक्टेयर जंगल, अब सेटेलाइट से रखी जा रही नजर

Tue, 06 Apr 2021 09:49 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 06 Apr 2021 09:49 PM IST
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Uttarakhand Forest Fire News: Approx 105 hectares forest burned in 12 hours, now Keep Eye from satellite
जंगल में आग - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड में वनों का आग की भेंट चढ़ने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। करीब 105 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। वन विभाग ने 2.21 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। अप्रैल में अब तक 645 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ है। 



वन विभाग की ओर से जारी फायर बुलेटिन के मुताबिक गढ़वाल मंडल में वनों की आग के 34 और कुमाऊं मंडल में 37 मामले सामने आए। गढ़वाल मंडल में 42.85 हेक्टेयर और कुमाऊं में 30.41 हेक्टेयर जंगल आग से प्रभावित हुआ। इतना होने पर भी सोमवार की तुलना में आग के मामले मंगलवार को कम रहे। कुमाऊं में आग की घटनाएं अधिक हैं लेकिन नुकसान कम पाया गया। 

अप्रैल में ही अब तक करीब 645 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। विभाग ने करीब 14 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। वन पंचायतों में भी 210 हेक्टेयर वन अभी तक आग से प्रभावित हुआ है। 

उत्तराखंड के जंगलों में आखिर क्यों लग रही आग? कई हेक्टेयर वन संपदा हुई नष्ट

वन विभाग की मशक्कत भी जारी रही। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि मान सिंह ने बताया कि छह हजार फायर वाचर इस समय तैनात हैं और वन विभाग की ओर से स्थानीय लोगों का भी सहयोग लिया जा रहा है। 

Uttarakhand Forest Fire News: Approx 105 hectares forest burned in 12 hours, now Keep Eye from satellite
जंगल में आग बुझाते वनकर्मी - फोटो : अमर उजाला

वन मंत्री हरक सिंह सोमवार को एक वीडियो में आग बुझाते दिखाई दिए थे। मंगलवार को उनका एक और वीडियो सामने आया। इस वीडियो के जरिये हरक सिंह ने लोगों से अपील की है कि जंगल की आग को बुझाने के लिए वन विभाग का सहयोग करें, लेकिन खुद को भी आग से बचाकर रखें। आग दिखाई देती है तो वन विभाग को भी इसकी सूचना दें।

Uttarakhand Forest Fire News: Approx 105 hectares forest burned in 12 hours, now Keep Eye from satellite
जंगल में आग - फोटो : अमर उजाला

वहीं, वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर देश के जंगलों पर सेटेलाइट से 24 घंटे नजर रखी जा रही है। यह जिम्मेदारी भारतीय वन सर्वेक्षण के वैज्ञानिक संभाल रहे हैं। संस्थान के वैज्ञानिक सभी राज्यों के जंगलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वनाग्नि की घटना होने पर संबंधित राज्यों के वन विभाग को तत्काल अलर्ट जारी किया जा रहा है। भारतीय वन सर्वेक्षण के उपनिदेशक डॉ. सुनील चंद्रा ने बताया कि गर्मी के मौसम में देश के तमाम जंगलों में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।

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Uttarakhand Forest Fire News: Approx 105 hectares forest burned in 12 hours, now Keep Eye from satellite
उत्तराखंड के जंगलों में आग - फोटो : अमर उजाला

वर्तमान में उड़ीसा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम समेत देश के कई राज्यों में वनाग्नि की कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। इसीलिए भारतीय वन सर्वेक्षण की ओर से सेटेलाइट के जरिये जंगलों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।  जंगल में आग लगने पर संबंधित राज्य को तुरंत सूचित किया जा रहा है। ताकि, समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। दूसरी ओर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

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Uttarakhand Forest Fire News: Approx 105 hectares forest burned in 12 hours, now Keep Eye from satellite
उत्तराखंड के जंगलों में आग बुझाते लोग - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड वन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो एक से लेकर पांच अप्रैल के बीच पूरे प्रदेश में वनाग्नि की 261 घटनाएं हुईं। इसमें 413 हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया। देश के जंगलों में आग लगने की घटनाएं सर्दियों में ही शुरू हो गई थीं। एक अक्टूबर से लेकर पांच अप्रैल के बीच अब तक कुल 1400 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में बढ़ोतरी के साथ वनाग्नि की घटनाओं में इजाफा हो सकता है। 

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