कोरोना के साये में हुआ उत्तराखंड का विधानसभा चुनाव इस बार कई मायनों में यादगार रहेगा। नेताओं की बदजुबानी से लेकर धार्मिक तुष्टिकरण तक की कोशिशें भी खूब हुई। ये प्रदेश का ऐसा पहला विधानसभा चुनाव रहा, जिसमें हरक सिंह रावत नही लड़े।
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इसके अलावा 2022 का विधानसभा चुनाव सियासी दलों और प्रत्याशियों के बनाए गए थीम सांग्स के लिए भी याद किया जाएगा। भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने ही थीम सांग्स नहीं बनाए बल्कि प्रत्याशियों के समर्थन में भी सोशल मीडिया और प्रचार में जमकर गाने बजाए। बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल ने भी भाजपा का थीम सांग गाया और प्रधानमंत्री की कविता को भी आवाज दी।
इस चुनाव में दलबदलुओं की भी बहार रही। धामी सरकार के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत कांग्रेस में चले गए। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, कांग्रेस नेता दुर्गेश्वर लाल ने भाजपा का दामन थाम लिया। ओम गोपाल रावत और टिहरी विधायक धन सिंह नेगी ने भाजपा से बगावत की और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा।
यह चुनाव हरक सिंह रावत के लिए भी याद किया जाएगा। यह पहला चुनाव है, जिसमें हरक नजर नहीं आए। इसके अलावा चैंपियन और कर्णवाल भी इस बार चुनावी चौसर से बाहर दिखे। एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के कारण पार्टी को असहज करने वाले इन दोनों विधायकों का भाजपा ने टिकट काट दिया। हालांकि चैंपियन की जगह उनकी पत्नी कुंवररानी देवयानी को बीजेपी ने टिकट दिया।