{"_id":"6ab2d1d15742f91853064276","slug":"surendra-koli-death-police-await-postmortem-report-as-circumstances-remain-unclear-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरेंद्र कोली की मौत: चार दिन बाद भी पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार, परिजनों के सारे सवाल बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरेंद्र कोली की मौत: चार दिन बाद भी पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार, परिजनों के सारे सवाल बरकरार
Wed, 23 Sep 2026 12:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:37 AM IST
सार
पुलिस का कहना है कि कोली की मौत आत्महत्या से हुई या किसी और वजह से, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। यह रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
सुरेंद्र कोली
- फोटो : संवाद
विस्तार
निठारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रहे और पिछले साल सभी 13 मामलों में बरी हुए सुरेंद्र कोली की मौत के चार दिन बाद भी हालात साफ नहीं हैं। उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने उनकी मौत पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का कहना है कि कोली की मौत आत्महत्या से हुई या किसी और वजह से, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। यह रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि कोली के परिवार वालों ने उनकी मौत को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। हालांकि, एक-दो दिन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कोली के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला। हालांकि, उनकी नाक और मुंह के पास खून के निशान दिखे। उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं था।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि हरिद्वार के सप्तऋषि इलाके में एक छोटी सी किराए की दुकान पर कोली ने चाय बेचना शुरू किया था, और उसके चार दिन बाद ही वह वहां मृत पाए गए। पुलिस के मुताबिक, वह आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे और दुकान शुरू करने के लिए उन्होंने पांच हजार रुपए उधार लिए थे।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का लग रहा है। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज की जांच की, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि कोली बहुत मुश्किल हालात में रह रहे थे और हरिद्वार में कम समय में ही उन्हें चार बार कमरे बदलने पड़े थे।
अधिकारी ने बताया कि वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे और उन्हें बार-बार अपनी नौकरी छोड़नी पड़ती थी क्योंकि वह आधार कार्ड नहीं दे पाते थे या पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवा पाते थे। निठारी मामला 2006 में तब सामने आया था जब नोएडा के सेक्टर 31 में बिजनेसमैन मोनिंदर सिंह पंढेर के बंगले के पिछवाड़े और नालियों में कंकाल, खोपड़ियां और हड्डियां मिली थीं। कोली, पंढेर के घर पर घरेलू सहायक के तौर पर काम करते थे।
इस मामले में सह-आरोपी पंढेर भी कई साल तक जेल में रहे, लेकिन बरी होने के बाद 20 अक्टूबर, 2023 को उन्हें रिहा कर दिया गया। निठारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में से आखिरी मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में एकमात्र दोषी कोली को बरी कर दिया। यह निठारी हत्याकांड का 13वां मामला था जिसमें कोली को बरी किया गया। इससे पहले उसे इसी तरह के 12 अन्य मामलों में भी बरी किया जा चुका था।