उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यटक स्थल मुनस्यारी के ट्यूलिप गार्डन की खूबसूरत तस्वीरें ट्वीटर पर पोस्ट की हैं। उनका ये ट्वीट लोगों ने काफी पसंद किया। देखते ही देखते ये तस्वीरें वायरल भी हो गईं।
सीएम त्रिवेंद्र ने दिखाई मुनस्यारी के ट्यूलिप गार्डन की तस्वीरें, उमर अब्दुल्ला बोले- सुंदर हैं लेकिन...
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वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने भी सीएम त्रिवेंद्र रावत के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जहां गार्डन की तारीफ की, साथ ही यह भी कहा कि 'ये तस्वीरें सुंदर हैं, लेकिन श्रीनगर (कश्मीर) के ट्यूलिप जितनी नहीं'। हालांकि सीएम त्रिवेंद्र ने उनके इस ट्वीट का जवाब नहीं दिया।
Without a hint of bias CM Sahib let me say that although the backdrop here is very pretty the Tulip garden in Srinagar is much prettier & from these photographs looks considerably bigger but this one is nice too. Congratulations 😊 https://t.co/YNPQCxY7x4— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) May 9, 2020
बता दें कि मुनस्यारी में ये पायलट प्रोजेक्ट 1200 वर्गमीटर के क्षेत्र में तैयार किया गया है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गार्डन में उगे फूलों की तारीफ करते हुए कुछ फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने लिखा कि 'मैं अपनी स्वप्न परियोजना-मुनस्यारी स्थित ट्यूलिप गार्डन के सफल पायलट प्रोजेक्ट की पहली तस्वीरें शेयर करते हुए बहुत खुश हूं।'
पंचाचूली रेंज में यह खूबसूरत गार्डन दुनिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन में से एक है। यह मुनस्यारी क्षेत्र में पर्यटन में बड़ा बदलाव भी लाएगा। 30 हेक्टेयर में फैले मुनस्यारी नेचर एजुकेशन एंड इको पार्क सेंटर' का एक हिस्सा ट्यूलिप गार्डन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
30 हेक्टेयर में फैले "Munsyari Nature Education and Eco Park Center" का एक हिस्सा ट्यूलिप गार्डन के रूप में विकसित किया जा रहा है और यह पिथौरागढ़ में बन रहे ट्यूलिप गार्डन से अलग है। इस पार्क में Huts के साथ टेन्ट में रहने की सुविधा भी उप्लब्ध है। pic.twitter.com/uVMLklVoMj— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) May 9, 2020
यह पिथौरागढ़ में बन रहे ट्यूलिप गार्डन से अलग है। इस पार्क में हट के साथ टेंट में रहने की सुविधा भी उपलब्ध है। बताया कि इस परियोजना के लिए 7000 ट्यूलिप बल्ब हॉलैंड से मंगवाए गए और सभी अंकुरित भी हो गए। ये अभी तक कश्मीर में ही उगते थे। लेकिन अब ये उत्तराखंड की खूबसूरती को भी बढ़ा रहे हैं।