आपदा के पांच दिन बाद भी ऋषि गंगा का पानी मटमैला है, जिससे नीती घाटी के लोगों में खौफ बना हुआ है। ऋषि गंगा किनारे ग्रामीणों का जलस्रोत भी बह चुका है। रैणी, जुग्जु और जुवा-ग्वाड़ गांव के करीब 120 परिवार अभी भी अपने घरों में रात बिताने से डर रहे हैं। वह छानियों और टेंटों में ही रात बिता रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि ऋषि गंगा फिर कहर बरपा सकती है।
चमोली जल प्रलय: अपने ही घरों में जाने से डर रहे ग्रामीण, पांच दिन से जंगलों में ऐसे बिता रहे रात, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 11 Feb 2021 07:47 PM IST
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