उत्तराखंड में आज से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन उत्तरकाशी जिले की पुरोला नगर पंचायत में सीएम की 16 घोषणाएं वापस लेने का मामला सदन में गरमाया। कार्यस्थगन में नियम 58 के तहत विपक्ष ने इस मामले में सरकार को घेरने की कोशिश की।
उत्तराखंड विधानसभा सत्र: सीएम की घोषणाओं को वापस लेने के मुद्दे में गरमाया सदन, पढ़ें पहले दिन क्या रहा खास
10 विधेयक हुए पेश
पहले दिन प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण को लेकर उत्तराखंड लोक सेवा(महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022, धर्मांतरण करने पर सात से 10 साल की सजा समेत 10 विधेयक सदन में पेश किए गए। विधेयक बुधवार को पास होंगे।
अनुपूरक बजट हुआ पेश
पहले दिन सीएम धामी और वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने 5440.43 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें 2276.43 करोड़ राजस्व खर्च में और 3164 करोड़ पूंजीगत मद में खर्च होंगे। बजट पर बुधवार को चर्चा होगी।
विधानसभा में धरने पर बैठे विधायक तिलकराज बेहड़
सत्र शुरू होने से पहले ही किच्छा में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक तिलकराज बेहड़ विधान सभा में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि किच्छा में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है। गुंडा गर्दी से लोगों में खौफ का माहौल है। किसानों का शेषण हो रहा है। सरकार को इस पर एक्शन लेना चाहिए। वहीं, कांग्रेस विधायक दल के कई नेता भी धरने पर बैठे।
साइकिल से विधानसभा पहुंचे झबरेड़ा विधायक
साइकिल से विधानसभा परिसर पहुंचे झबरेड़ा के कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। विधायक निवास से साइकिल चलाते हुए जैसे ही विधानसभा परिसर में पहुंचे मीडिया कर्मियों ने उन्हें घेर लिया। बताया कि महंगाई के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है। उस पर राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं चौपट हैं। वह यह संदेश देना चाहते हैं कि सेहत का ध्यान रखने के लिए राज्य के नागरिक साइकिल चलाएं।