अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में अपने शानदार प्रदर्शन से लाखों दिलों में बस चुके इस खिलाड़ी की कहानी पढ़िए उनकी आमा की मुंह जुबानी।
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क्रिकेटर कमलेश की दादी को मिठाई खिलाती कमला नगरकोटी
- फोटो : amar ujala
आस्ट्रेलिया को हराकर विश्वविजेता बनी भारतीय टीम को खुशी मनाते देख बिट्टू की दादी और उनके चाचा की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। यह बिट्टू कोई और नहीं अपना कमलेश नगरकोटी है, जिसने फाइनल में आस्ट्रेलिया के कप्तान समेत दो खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाकर भारत की जीत का मार्ग प्रशस्त किया।
149 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अपने इस लाल की कामयाबी पर घरवालों को उसका बजपन याद गया। कैसे वह घर के उबड़-खाबड़ आंगन में लकड़ी का बल्ला और कपड़े की गेंद से हर समय क्रिकेट खेलता रहता था और कई बार तो उसे डांट भी पड़ती थी।
अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में तेज रफ्तार गेंदबाजी से बल्लेबाजों को पसीना छुड़ाने वाले कमलेश बागेश्वर के भरसीला गांव के रहने वाले हैं। राजस्थान की ओर से क्रिकेट खेलते हुए कमलेश ने अंडर-19 विश्वकप टीम में जगह बनाई और अपनी तेज गेंदबाजी और प्रदर्शन की बदौलत आईपीएल में भी उनकी बोली करोड़ों में छूटी और वह केकेआर टीम का हिस्सा बने।
पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ से लेकर सचिन और द्रविड़ तक ने उनकी शान में ट्विटर पर कसीदे गढ़े। बीते वर्ष इंग्लैंड में आयोजित यूथ टेस्ट में भी उन्होंने एक मैच की दोनों पारियों में 10 विकेट चटकाए।