उत्तराखंड की इंटरमीडिएट की टॉपर शताक्षी ने बताया कि वह रोजाना करीब 20 किलोमीटर दूर पढ़ने के लिए चिन्यालीसौड़ जाती थीं। रोजाना 40 किलोमीटर का सफर सिर्फ स्कूल आने-जाने में करना होता था। वह देहरादून में आईआईटी की तैयारी कर रही हैं।
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12वीं में उत्तराखंड बोर्ड टॉपर शताक्षी तिवारी
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उनके परिवार और माता-पिता ने उनका पूरा सहयोग दिया। शताक्षी ने बताया कि वह जेईई मेंस की तैयारी कर रही है। इसके बाद वह आईआईटी में प्रोफेसर बनना चाहती हैं। शताक्षी की मां सुनीता तिवारी कंडीसौड़ में हेल्थ सुपरवाइजर है। पिता अनूप तिवारी प्राइवेट इंजीनियर हैं।
शताक्षी का कहना है कि पढ़ाई के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। जहां वह रहती हैं वहां स्कूल या पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं है। स्कूल जाने के लिए उन्हें रोजाना 40 किमी का सफर करना पड़ता था। माता-पिता और शिक्षकों ने उन्हें पूरा सपोर्ट किया। माता पिता ने बताया कि उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। प्रधानाचार्य नत्थी लाल बंगवाल ने सफलता के लिए कड़ी मेहनत और शताक्षी के अनुशासन को श्रेय दिया।
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रामनगर में जारी किए गए नतीजे
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आज जारी हुए उत्तराखंड बोर्ड के 12वीं के परिणामों में शताक्षी तिवारी, श्री विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चिन्यालीसौंड़ उत्तरकाशी 98 फीसदी (490/500) अंकों के साथ टॉपर हैं।
इस स्कूल के सक्षम 489 अंकों के साथ दूसरे और केएनयू जीएमआईसी पिथौरागढ़ के हरीश सिंह बोरा 96.80 (484) अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। बता दें कि उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) में इस बार हाईस्कूल में 1,49,950 एवं इंटरमीडिएट में 1,24,867 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा दी है।