बुधवार को यात्रियों से भरी एक बस हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई। इस दौरान करंट लगने से दो लोगों की जान चली गई। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि बिजली विभाग की किस लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले यहां हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया था। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने तार को पेड पर बांध दिया। बुधवार को बस वहां से गुजरी। यूजर्स कंपनी की बस संख्या यूए-12-3887 बुधवार को गौलीखाल से रामनगर को जा रही थी। बस में 30 यात्री सवार थे। सल्ट विकासखंड के मरचूला के पास पेड़ से बंधा हाइवोल्टेज बिजली का तार सड़क पर पड़ा था।
जैसे ही बस वहां से गुजरी तो बिजली का तार वाहन के टायरों में लिपट गया। चालक ने अनहोनी की आशंका के चलते बस को सड़क किनारे खड़ा कर लोगों से बाहर उतरने को कहा। अधिकतर लोग बस से बाहर आ चुके थे लेकिन इस बीच बिजली के नंगे तार के कारण करंट बस में फैल गया और वाहन से उतर रहीं झुमली देवी (65) पत्नी स्व. देव सिंह निवासी भंडार गौलीखाल (पौड़ी गढ़वाल) करंट की चपेट में आ गईं।
उनके साथ ही उन्हें बचाने आए पूरन चंद्र (45) पुत्र चिंतामणि ग्राम डुंगरा सल्ट (अल्मोड़ा) की करंट से मौत हो गई। इसके अलावा डुंगला सल्ट निवासी ज्योति (20) और उनका डेढ़ महीने का बेटा कार्तिक, झुमली देवी की पोती 22 वर्षीय प्रीति पुत्री बल्देव सिंह, 18 वर्षीय मीनाक्षी पुत्री सुरेशानंद झुलसने से घायल हो गए। सहयात्रियों ने 108 एंबुलेंस को बुलवाकर घायलों को रामनगर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
हादसे की जानकारी मिलने पर आसपास के गांवों के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। चार घंटे बाद विद्युत के अधिकारियों के मौके पर पहुंचने पर लोगों ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई। अधिकारियों से बातचीत के बाद लोगों ने जाम हटाया। विद्युत विभाग रानीखेत के अधिशासी अभियंता अजमल अहमद खान ने फौरी तौर पर मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये के चेक दिए।