Valentine day: मुश्किलों का सामना कर पाई जिन्होंने अपनी मंजिल, पढ़िए ऐसे कपल्स की कहानी
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valentine day week के मौके पर हम आपको ऐसे कपल्स से मिलवाते है, जिनके बारे में जान आपको महसूस होगा कि अगर वास्तव में आपका प्यार सच्चा है तो मंजिल जरूर मिलेगी।
नजरें मिली, दिल धड़का और प्यार हो गया। कुछ ऐसी ही कहानी है संदीप और दिव्या की। दिव्या बताती है कि उनकी पहली मुलाकात आंखों ही आंखों में मिनर्वा इंस्टीट्यूट में हुई थी, जब संदीप वहां किसी काम से आए थे। दिल मिले और फिर शुरू हुआ फोन पर बात करने का सिलसिला।
मोहब्बत की ट्रेन ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी। मिलने के किस्से आम हो गए। इस बीच दिव्या की पढ़ाई पूरी हुई तो वह दिल्ली चली गई लेकिन दिल तो दून में संदीप के पास रमता था। आखिर दिव्या इसी चाहत में चकराता में मौसी के यहां रहने आ गई।
संदीप-दिव्या ताउम्र के लिए एक हो गए
दिव्या के घरवालों ने भी विरोध जताया लेकिन काफी समझाने के बाद आखिरकार 25 नवंबर 2017 को संदीप-दिव्या ताउम्र के लिए एक हो गए। संदीप आज भी दिव्या से उतना ही प्यार करते हैं। दोनों इस वेलेंटाइन को भी खास तरीके से मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
अनजान मैसेज से शुरू हुआ मोहब्बत का सिलसिला
बात उन दिनों की है, जब अर्चना को एक अनजान मैसेज आया। मैसेज करने वाले विकास ने माफी मांगी तो बात खत्म हो गई। लेकिन दोबारा मैसेज आया कि क्या हम एसएमएस फ्रेंड बन सकते हैं? यहीं से शुरू हुआ बातचीत का सिलसिला। केवल एसएमएस पर बात होती रही। सिलसिला चल निकला। एक दिन अचानक विकास ने अर्चना की माता को शादी करने के लिए फोन कर दिया।
यहां चौंकाने वाली बात यह थी कि न तो दीपक ने कभी अर्चना को देखा था और न ही अर्चना ने दीपक को। इसके बावजूद दोनों शादी के लिए तैयार हो गए। दोनों के ही पिता नहीं थे, इसलिए माताओं ने शादी की बात की।
26 जनवरी 2004 को दोनों ही शादी हो गई। आज दोनों का 13 साल का बेटा भी है। अर्चना और विकास सिंघल, एक स्कूल में शिक्षक हैं। अपनी इस अनजान एसएमएस वाली मोहब्बत को वेलेंटाइन वीक के दौरान खासतौर से सेलिब्रेट करते हैं।
मिले, बिछड़े और फिर एक दूसरे के हो गए(दीप्ति-दीपक)
यहां फिल्मी कहानी की तरह प्यार हुआ। दीपक और दीप्ति एक शादी समारोह में एक-दूसरे से मिले। आंखों ही आंखों में प्यार हुआ। प्यार आगे बढ़ता, इससे पहले ही बिछड़ गए। दीप्ति ने बताया कि हम दोनों को बिछड़ने का गम तो था लेकिन यह भी यकीन था कि अगर प्यार होगा तो एक दिन फिर मिलेंगे।
हुआ भी ऐसा ही। दोबारा मिले। ऐसे मिले कि फिर बिछड़ने का गम ही दूर हो गया। दीप्ति के मुताबिक आठ साल का प्यारभरा लंबा सफर उन दोनों ने पार कर लिया है। दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दीप्ति अपने अंदाज में कुछ यूं बयां करती है-जब खामोश आंखों से बात होती है, ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है। तुम्हारे ही ख्यालों में खोए रहते हैं, पता नहीं कब दिन और कब रात होती है॥