गंगोत्री हाईवे पर सोमवार को जाम लग गया। इस दौरान स्थानीय लोगों के वाहन ही नहीं, भारत-चीन सीमा स्थित अग्रिम चौकियों पर जा रहीं सेना की तोपें भी जाम में फंस गईं। वाहनों को करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। इसके बाद रास्ता खोलकर यातायात सुचारू कराया गया।
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गंगोत्री हाईवे पर जाम में फंसी सेना की तोप
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इन्हीं स्थितियों को देखते हुए लंबे समय से गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन ईको सेंसिटिव जोन की बंदिशों के चलते अभी तक इस हिस्से में ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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जाम में फंसे सेना के वाहन
- फोटो : अमर उजाला
राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ ही उत्तरकाशी जिले में भी यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। लेकिन उत्तरकाशी से गंगोत्री तक सौ किमी हिस्से में ईको सेंसिटिव जोन की बंदिश के चलते अभी तक चौड़ीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस हिस्से में सड़क संकरी होने से यात्रा सीजन ही नहीं आम दिनों में भी जाम की समस्या बनी हुई है।
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जाम में फंसे वाहन
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को सेना की तोप और अन्य वाहन सीमावर्ती चौकियों की ओर जा रहे थे, लेकिन नगर क्षेत्र में संकरे गंगोत्री हाईवे पर इन वाहनों को करीब एक घंटे तक जाम में फंसा रहना पड़ा। इस दौरान जाम में फंसे अन्य लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर पालिका सभासद देवेंद्र चौहान ने कहा कि गंगोत्री हाईवे पर जाम की समस्या आम हो गई है।
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गंगोत्री हाईवे पर उत्तरकाशी में जाम में फंसे वाहन
- फोटो : अमर उजाला
बीआरओ के अधिकारियों के अनुसार उत्तरकाशी से गंगोत्री तक ईको सेंसिटिव जोन के चलते अभी ऑल वेदर रोड के कार्य को मंजूरी नहीं मिल पाई है। स्वीकृति मिलते ही यहां सड़क चौड़ीकरण कार्य किया जाएगा। वहीं, नौगांव ब्लॉक में बड़कोट-तिलाड़ी सड़क सुधारीकरण के नाम पर लाखों खर्चने के बाद भी बदहाल बनी हुई है। आलम ये है कि बरसात में जलभराव और धूप में धूल उड़ने सड़क पर लोगों का पैदल चलना भी दुभर है।