रमजान का पाक महीना 26 या 27 मई से शुरू होगा। इस बार मोमिनों को जून माह की चिलचिलाती गर्मी में शिद्दत के साथ रोजे रखने होंगे। यह संयोग 34 साल बना है कि जून में रमजान का महीना आया हो।
इससे पहले जून 1983 में रमजान का यह पाक महीना आया था। इसके अलावा इस बार रमजान माह का कोई भी रोजा 15 घंटे से कम नहीं होगा। पहला रोजा ही 15 घंटे 22 मिनट का होगा।
नायब शहर काजी सुन्नी सैय्यद अशरफ हुसैन कादरी ने बताया कि चांद दिखने पर निर्भर करेगा कि रमजान 26 मई से शुरू होगा या 27 से। इस बार ज्येष्ठ और आषाढ़ के बीच रोजा होने की वजह से 34 साल बाद ऐसा मौका आया है जब कोई भी रोजा 15 घंटे से कम का नहीं होगा।
तन को झुलसाने वाली इस गर्मी में अकीदतमंद भूखे-प्यासे रहकर खुदा की इबादत में मशगूल रहेंगे। रमजान के पहले रोजे की सहरी सुबह 3 बजकर 55 मिनट पर खत्म होगी और इफ्तार शाम 7 बजकर 17 मिनट पर होगा। ऐसे में पहला रोजा 15 घंटे 22 मिनट का होगा। जबकि आखिरी तीन रोजे 15 घंटे 36 मिनट के होंगे।
नायब शहर काजी कादरी ने बताया कि मोमीन अल्लाह की इबादत जितनी शिद्दत के साथ करता है। अल्लाह पाक उसको उतना ज्यादा ही सवाब अता फरमाते हैं, इसलिए मोमिन को चाहिए कि वो सब्र और एहतराम के साथ रोजे रखें। तरावीह में कुरान पाक को सुनें और खूब तिलावत करें। नबी-ए-करीम रमजान में कुरान पाक की तिलावत ज्यादा करते थे।