नंदा देवी पर्वतारोहण के दौरान जान गंवाने वाले विदेशी पर्वतारोहियों के सामान के साथ एक छोटा सा टैडी बियर भी मिला। 17 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर शवों के पास जब इस टैडी बियर को देखा तो डेयर डेविल जैसे कठिन अभियान में जुटे हिमवीरों की भी आंखें नम हो गई।
2 of 6
पर्वतारोहियों के शवों को लाते सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
इस कठिन अभियान का नेतृत्व कर रहे आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी और एवरेस्ट विजेता रतन सिंह सोनाल ने बताया कि यह पल बेहद भावुक करने वाला था। शायद महिला या अन्य कोई पर्वतारोही अपने बच्चों को याद करने के लिए घर से इस टैडी बियर को अपने साथ लाया होगा।
3 of 6
पर्वतारोहियों के शवों को लाते सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
इस टैडी बियर ने उन्हें भावुक करने के साथ उनके भीतर जोश भर दिया और बेहद कठिन लगने के बाद भी उन्होंने पर्वतारोहियों के शवों को निकालने में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि नंदा देवी की चोटी एवरेस्ट से कठिन है।
4 of 6
पर्वतारोहियों के शवों को लाते सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
डेयर डेविल अभियान की अगुवाई कर रहे द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल ने बताया कि 20 दिन तक चले अभियान के दौरान अधिकांश क्षण बेहद कठिन थे। एक ओर रस्सियों के सहारे बर्फीले पहाड़ पर शवों को कंधे पर लेकर चढ़ना और उतरना था। दूसरी ओर लगातार हो रहे हिमस्खलन से बचना भी किसी चुनौती से कम नहीं था। आखिरकार मां नंदा देवी के क्षेत्र में उन्हें इस अभियान में सफलता मिली।
5 of 6
पर्वतारोहियों के शवों को लाते सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
सात पर्वतारोहियों के शव निकालने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी डा.विजय कुमार जोगदंडे, आईटीबीपी के डीआईजी एपीएस निंबाडिया, भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर कै.विशाल मेहता और अभियान का नेतृत्व कर रहे द्वितीय कमान अधिकारी रतन सिंह सोनाल ने मीडिया से बातचीत की।