टैक्स भरते हैं तो यह खबर आपके लिए है। पढ़ेंगे तो फायदे में रहेंगे।
वैट का वार्षिक विवरण जमा न करने वाले व्यापारियों को प्रदेश सरकार ने राहत दी है। टैक्स का ब्योरा जमा कराने की तिथि को तीन माह के लिए 31 मार्च 2018 तक बढ़ा दिया गया है। बुधवार को मंत्रिमंडल ने व्यापारियों के हित में फैसला लेते हुए विवरण जमा करने की तिथि बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश के करीब 55 हजार व्यापारियों को राहत मिली है।
वैट प्रणाली में वित्त वर्ष 2016-17 का वार्षिक टैक्स विवरण जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2017 को समाप्त हो गई है। पूरे प्रदेश में करीब 2500 व्यापारियों ने ही राज्य कर विभाग को टैक्स का वार्षिक विवरण जमा किया। एक जुलाई से जीएसटी प्रणाली लागू होने से व्यापारी इसमें ही उलझे रहे, जिससे 55 हजार से अधिक व्यापारी अंतिम तिथि तक विवरण जमा नहीं कर पाए।
इसके बाद व्यापारियों को प्रति सप्ताह 200 रुपये के हिसाब से तब तक विलंब शुल्क देना था, जब तक कि वह वितरण जमा नहीं करते। व्यापारियों की मांग पर सरकार ने विवरण जमा क रने की तिथि को 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
बुधवार को कैबिनेट ने वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जीएसटी से पहले वैट प्रणाली में 50 लाख तक सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को तिमाही और 50 लाख से अधिक टर्नओवर पर व्यापारियों को प्रति माह टैक्स का विवरण विभाग के पास जमा करने का प्रावधान था। अधिकतर व्यापारी जीएसटी लागू होने के कारण वैट का वार्षिक ब्योरा नहीं दे पाए थे।