चारों तरफ पानी ही पानी और मलबा, गुप्प अंधेरा और सुनसान एरिया। कुछ ऐसी ही खौफनाक रात इन बच्चों ने गुजारी। स्कूल में भूस्खलन से मलबा भर जाने के बाद बच्चे दहशत में आ गए। तस्वीरें देखकर आपका दिल भी दहल जाएगा।
सोमवार रात पौने दस बजे भारी बारिश के बाद घुसे मलबे के बाद मंगलवार सुबह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जोखला में यह नजारा देखने को मिला। छात्रों और स्टाफ की आंखों में काली रात के खौफ का साया साफ तौर पर दिखाई देता है। परिजनों को देख बच्चे उनसे लिपटकर रोने लगते है।
अफसरों और पत्रकारों को घटना के बारे में बताते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. जीसी बड़ोनी और वार्डन सुधा पैन्यूली का गला भर आता है। मंगलवार की सुबह स्कूल पहुंचे अभिभावक सभी 343 छात्रों को अपने साथ ले गए। एहतियात के तौर पर स्कूल की अनिश्चितकालीन छुट्टी घोषित कर दी गई है।
समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव शैलेश बगोली ने तहसीलदार एसपी उनियाल समेत प्रशासनिक अमले के साथ स्कूल का दौरा किया। स्कूल के 13 कक्षों के साथ ही तीन लैब, लाइब्रेरी, प्रधानाचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, डिस्पेंसरी, बरामदें और खेल मैदान में तीन से पांच फीट तक मलबा भरा हुआ है।
अपर सचिव ने तहसील, लोनिवि, बिजली और जल संस्थान के अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल का मलबा पीडब्लूडी की साहिया डिवीजन और दिल्ली यमुनोत्री हाइवे का मलबा बडकोट डिविजन को हटाने को कहा।