चारधाम यात्रा से पहले बदरीनाथ और केदारनाथ धाम से बर्फ हटाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। केदारनाथ धाम में बीते तीन हफ्तों से बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है, लेकिन अभी भी वहां कई फीट तक बर्फ जमी है। वहीं बदरीनाथ धाम में भी बर्फ की सफाई काम शुरू हो गया है।
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केदारनाथ में बर्फ
- फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव के बाद अब प्रशासन ने अपना फोकस केदारनाथ यात्रा तैयारियों पर कर दिया है। बता दें कि केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 9 मई को खुलने हैं। ऐसे में 30 अप्रैल तक गौरीकुंड से धाम तक पूरी बर्फ हटा दी जाएगी। साथ ही यात्रा व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली जाएंगी।
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केदारनाथ में बर्फ
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डीडीएमए (लोनिवि) की टीम बीते 24 मार्च से पैदल मार्ग पर बर्फ की सफाई में जुटी है। 130 मजदूर लिनचोली तक बर्फ को साफ कर चुके हैं। अगले एक हफ्ते में धाम तक रास्ते को आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। साथ ही रुद्रा प्वाइंट से मंदिर परिसर तक लगभग ढाई किमी हिस्से में जमा लगभग छह फीट बर्फ को भी जल्द से जल्द साफ किया जाएगा।
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केदारनाथ में बर्फ
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इसके अलावा पैदल मार्ग पर टूटी रेलिंग, धंसे पुश्ते और क्षतिग्रस्त फोल्डिंग पुलों की मरम्मत भी प्राथमिकता से की जाएगी। पैदल मार्ग पर कई रेन शेल्टरों को भी बर्फ से क्षति पहुंची है। प्रशासन ने ऊर्जा निगम और जलसंस्थान को क्षतिग्रस्त विद्युत व पेयजल लाइन को दुरुस्त करने के लिए जल्द टीम भेजने के निर्देश दिए हैं। 21 जनवरी को हुई भारी बर्फबारी से रामबाड़ा से केदारनाथ तक बिजली लाइनों को भारी क्षति पहुंची थी।
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केदारनाथ में बर्फ
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तब, से धाम में विद्युत सप्लाई ठप है। साथ ही पानी की लाइनें भी जगह-जगह तहस-नहस हो रखी हैं। बीएसएनएल की संचार सेवा भी केदारनाथ में ठप पड़ी है, जिस कारण दो माह से संपर्क नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि डीडीएमए द्वारा पैदल मार्ग पर बर्फ सफाई का कार्य जोरों पर किया जा रहा है। आगामी 30 अप्रैल तक धाम में रास्ते पर आवाजाही शुरू करने के साथ ही जरूरी सामग्री पहुंचा दी जाएगी।