फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मालिकाना हक के लिए नगर निगम में गरजे मलिन बस्तीवासी, बारिश से भी नहीं डिगा हौसला

Tue, 24 Jul 2018 09:20 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 24 Jul 2018 09:20 AM IST
विज्ञापन
slum public protest in nagar nigam dehradun
Slum

मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण और मालिकाना हक की मांग के समर्थन में पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में मलिन बस्तीवासियों ने रैली निकाल नगर निगम में जोरदार प्रदर्शन किया।


 

slum public protest in nagar nigam dehradun
slum

उन्होंने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत मलिन बस्तियों को निगम की ओर से भेजे जा रहे नोटिस को निरस्त करने की मांग की। पूर्व विधायक ने नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे को ज्ञापन देकर नोटिस जल्द वापस लेने को कहा। हजारों प्रदर्शनकारियों के नगर निगम पहुंचने के कारण पुलिस-प्रशासन सांसें अटकी रहीं और वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
 

slum public protest in nagar nigam dehradun
protest
सोमवार को पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और मलिन बस्ती के करीब डेढ़ हजार लोग परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। इसके बाद सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली गई, जो लैंसडोन चौक, बुद्धा चौक होते हुए निगम पहुंची। यहां मलिन बस्ती के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
slum public protest in nagar nigam dehradun
protest
रैली में शामिल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अतिक्रमण अभियान की आड़ में मलिन बस्तियों को उजाड़ने की साजिश चल रही है, जिसे पूरा नहीं होने दिया जाएगा। मलिन बस्तियों को हटाने की कार्रवाई तुरंत रोकी जानी चाहिए। पूर्व विधायक राजकुमार ने 2016 में मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण के लिए बने कानून को लागू करने की मांग की। 

 
विज्ञापन
slum public protest in nagar nigam dehradun
protest
रैली का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि शहर में 129 और प्रदेश में 582 मलिन बस्तियां हैं, जो नगर पालिका, नगर निगम से सूचीबद्ध हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तियों के लिए सुधार, विनियमितीकरण पुनर्व्यवस्थापन विधेयक 2016 में पारित किया था। इसे पांच अगस्त 2016 को राज्यपाल ने भी स्वीकृति दे दी थी। इसके बाद मलिन बस्ती के लोगों को मालिकाना हक देना शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों में विभिन्न विभागों ने विकास कार्य कराए हैं। ऐसे में इन बस्तियों को उजाड़ना ठीक नहीं है। 

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed