मंगलवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक दिन बाद आज धरने पर बैठ गए। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत को सोमवार की सुबह अचानक चक्कर आ गया था। इसके बाद उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां सभी टेस्ट की रिपोर्ट नॉर्मल आई और मंगलवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। पंचायतों के अधिकार और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ मतदान को लेकर उत्तराखंड जन अधिकार मंच ने बुधवार को डिस्पेंसरी रोड स्थित राजीव गांधी कांपलेक्स परिसर में उपवास रखकर धरना दिया।
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harish rawat
- फोटो : अमर उजाला
मंच के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी वहां पहुंचकर धरना दिया।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमारी सरकार ने पंचायत राज एक्ट बनाकर कोशिश की थी कि राज्य में पंचायतें मजबूत हों। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार ने उस एक्ट में कई अव्यवहारिक संशोधन कर पंचायतों को कमजोर करने का काम किया है।
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साथ ही पंचायत चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग कर चोर दरवाजे से पंचायतों पर काबिज होने का प्रयास किया है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि यह आंदोलन विकास की बुनियादी इकाई की रक्षा का आंदोलन है। भाजपा सरकार ने कानून में कई गलत प्रावधान कर ग्रामीण सरकार को कमजोर करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज दो से अधिक बच्चों का कानून पंचायतों के लिए बना है कल यही कानून सभी नागरिकों पर लागू हो सकता है।
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अस्पताल में भर्ती हरीश रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
पंचायत जनाधिकार मंच के संस्थापक संयोजक जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसमें एक संस्था में दो पद्धति से चुनाव कराए जा रहे हैं। सरकार को उच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हुए राज्य में तीनों पंचायतों में एक ही कानून से और एक पद्धति से चुनाव कराने चाहिए थे। सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई और वहां भी मुंह की खानी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना से पहले आरक्षण में गड़बड़ियां, अधिसूचना के बाद आरक्षण में बदलाव, पहले चरण के मतदान में कई जगह से मतपत्रों के फटे होने की सूचना और सत्ता पक्ष द्वारा जबरदस्ती अपने पक्ष में मतदान करवाने के साथ ही अब मतपेटियों में गड़बड़ी की आशंका है। बिष्ट ने कहा कि सभी मतदाता दलगत भावना से ऊपर उठकर मतदान करके अपने क्षेत्र में योग्य प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करें।