पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के पसंदीदा अशियाने का दूसरा हिस्सा भी तोड़ा जा रहा है। जानिए पहले वाले हिस्से में ऐसा क्या मिला था जिससे हड़कंप मच गया था।
पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के दोस्त और उद्योगपति संजय नारंग के भवन डेहलिया बैंक पर एक बार फिर लंढौर कैंट की जेसीबी गरजी। जेसीबी से भवन में किए गए अवैध निर्माण को धवस्त किया गया। कैंट बोर्ड की कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में अफरातफरी मची रही। शनिवार को लंढौर कैंट की टीम ने नायब तहसीलदार और पुलिस की मौजूदगी में धवस्तीकरण की कार्रवाई की। पूर्व में की गई कार्रवाई बाद बचे अवैध निर्माण को जेसीबी से धवस्त किया गया।
बता दें कि जब सचिन के आशियाने का अगला हिस्सा तोड़ा जा रहा था तो वहां एक बहुत बड़ा तहखाना निकला। इसके साथ ही वहां ऐसी चीजें मिली जिसे देखकर हड़कंप मच गया। जीओसी सब एरिया कमांडर मेजर जनरल जेएस यादव ने बताया कि वहां 45 हजार के फायर टेंक, गैस पाइप लाइन, पाइन की लाइन प्लांट, दर्जनों की संख्या में बैटरी, तीन बड़े आधुनिक जरनेटर मिले थे।
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dahlia bank house
- फोटो : amar ujala
सामने आया था कि यह भवन आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। पूरे बंगले में उच्चकोटि के विदेशी कापर वायर लगाए गए हैं। भवन को मजबूती प्रदान करने के लिए लोहे के गार्डर लगाए गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर यहां रखे उपकरण फट जाते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। यहां करोड़ों रूपये की लागत से इस सुरंग का निर्माण करवाया गया था। वहीं यह भवन भूकंपरोधी भी है। नौ रिएक्टर तक का भूकंप यह भवन आसानी से झेल सकता है।
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- फोटो : ajay ramola/ amarujala, mussoorie
गौरतलब है कि उद्योगपति संजय नारंग के भवन डहलिया बैंक में अवैध निर्माण किया गया था। जिस पर छावनी परिषद ने ध्वस्तीकरण करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन संजय नारंग हाईकोर्ट चले गए थे, लेकिन वहां से छावनी परिषद के पक्ष में फैसला आया। उसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय ने भी सही बताया और भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। जिस पर पिछले साल विगत तीन अक्तूबर को छावनी परिषद् की ओर से संजय नारंग के भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई काफी दिनों तक चली थी। जिसमें मुख्य भवन और गेट तोड़ा गया था।